Muzaffarpur 30 August : B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ दिनेश चंद्र राय ने कहा कि एकेडमिक कॉन्फ्रेंस में शिक्षक, शोधकर्ता और प्रतिभागी नवीन रणनीतियों पर चर्चा करते हैं और अपने शिक्षण व शोध के तरीकों पर विचार करते हैं। यह शिक्षा में नवाचार और परिवर्तन के लिए एक बौद्धिक मंच प्रदान करते हैं।
B.R.A. Bihar University Psychology Conference
Bihar University मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस ने विभिन्न देशों के मनोवैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को जोड़कर नवाचारों पर चर्चा कर शिक्षा जगत में एक बड़ी रेखा खींचने का काम किया है। इसका श्रेय विभागाध्यक्ष डॉ रजनीश कुमार गुप्ता की पूरी विभागीय टीम को जाता है। उन्होंने अन्य विभागों के शिक्षकों को जोड़कर इसे नया रूप दिया। उन्होंने डॉ रजनीश गुप्ता की पूरी टीम को बधाई दिया एवं उज्जवल भविष्य की कामना की।
एकेडमिक कॉन्फ्रेंस नवाचार को बढ़ावा देते हैं: कुलपति प्रो डीसी राय

प्रथम अकादमिक सत्र में सेंटर फ्रांसिस मिनिकोवासका पेरिस से आए क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट प्रो सत्यम झा ने कहा कि आज सभी देश सांस्कृतिक एवं सामाजिक विचलन से प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक विचलन के तहत एक संस्कृति से दूसरी संस्कृति में विचारों, शैलियां, भाषण या तकनीक जैसे सांस्कृतिक तत्वों का प्रसार होता है वहीं सामाजिक विचलन के तहत समाज के निर्धारित मान दंडों, मूल्यों और अपेक्षाओं के विपरीत व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। इन विचलनों का अध्ययन और उपचार क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और साइकोथैरेपिस्ट विशेष रूप से करते हैं। वर्तमान समय में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट अंतर सांस्कृतिक बोध पर फोकस करते हैं।

आईआईटी गुवाहाटी से आए प्रोफेसर नवीन कश्यप ने कहा कि स्वप्न का मनोवैज्ञानिक अध्ययन हमारे विचारों, भावनाओं, भाई और इच्छाओं को दर्शाते हैं। इस संबंध में उन्होंने फ्रायड के मनोविज्ञान पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही स्वप्न के समय इमोशनल रेगुलेशन, लर्निंग इंटरेक्शन और ब्रेन एक्टिवेशन पर भी प्रकाश डाला।
अंतरराष्ट्रीय सेमिनार की को-कन्वेनर प्रो आभा रानी सिन्हा ने तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पढ़े गए रिसर्च पत्र, अकादमिक और तकनीकी सत्र का विस्तार से रोड में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में कुल ढाई सौ पत्र पढ़े गए।
मनोविज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पढ़े गए 250 शोध पत्र

अकादमिक सत्र और तकनीकी सत्र के चेयरपर्सन व को- चेयरपर्सन के रूप में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना के प्रोफेसर व मनोवैज्ञानिक डॉ कीर्ति, डॉ रत्नेश्वर मिश्र, डॉ अर्चना ठाकुर, प्रो दिनेश कुमार, डॉ नीतू, गोरखपुर विश्वविद्यालय से डॉ निशा सिंह, डॉ तूलिका पांडे, डॉ विदिशा मिश्रा आदि ने संबोधित किया।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) August 30, 2025
अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के संयोजक डॉ रजनीश कुमार गुप्ता ने कॉन्फ्रेंस को काफी सफल बताया। उसने सभी विभागीय शिक्षकों, शोध छात्रों, स्नातक के छात्र-छात्राओं व तैयारी समिति के सभी सदस्यों के प्रति आभार प्रकट किया। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति एवं समस्त पदाधिकारियों के प्रति अपना आभार एवं धन्यवाद अर्पित किया। विशेष रूप से मनोविज्ञान विभाग के छात्र गुंजा, शिवानी, नूतन, रोशनी, पवन, सौरभ, कृष्णा, शालिनी आदि के मेहनत को भी सराहा।
कॉन्फ्रेंस का मंच संचालन डॉ विकास कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डॉ तूलिका ने किया।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।