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BRABU VC Prof. D.C. Rai ने असम डेयरी क्षेत्र के लिए दिया तकनीक-नेतृत्व वाला रोडमैप

BRABU VC Prof. D.C. Rai ने असम डेयरी क्षेत्र के लिए दिया तकनीक BRABU VC Prof. D.C. Rai ने असम डेयरी क्षेत्र के लिए दिया तकनीक
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मुजफ्फरपुर/ गुवाहाटी 5 November : बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति और डेयरी प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ Prof. D.C. Rai प्रो. दिनेश चंद्र राय ने गुवाहाटी में आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव में असम के डेयरी क्षेत्र के लिए एक तकनीक-आधारित और उद्यमिता-केंद्रित रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने उच्च गुणवत्ता, मूल्यवर्धित उत्पादों और आधुनिक प्रसंस्करण पर बल दिया, साथ ही असम को डेयरी उद्योग के निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा सुझाई।

BRABU VC Prof. D.C. Rai ने असम डेयरी क्षेत्र के लिए दिया तकनीक

बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति और डेयरी प्रौद्योगिकी के जाने-माने विशेषज्ञ Prof. D.C. Rai ने असम के डेयरी क्षेत्र के लिए एक स्पष्ट और कार्रवाई-उन्मुख रोडमैप प्रस्तुत किया है। राज्यपाल द्वारा आयोजित दो दिवसीय महत्वपूर्ण कॉन्क्लेव में एक महत्वपूर्ण सत्र का नेतृत्व करते हुए, उन्होंने सभी हितधारकों से केवल कच्चे दूध के उत्पादन पर केंद्रित रहने के बजाय, उच्च-लाभ, मूल्यवर्धित उत्पादों और रणनीतिक उद्यमिता की ओर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

BRABU VC Prof. D.C. Rai ने असम डेयरी क्षेत्र के लिए दिया तकनीक

Prof. D.C. Rai, जो बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एक वरिष्ठ प्रोफेसर भी हैं, ने ‘डेयरी टेक्नोलॉजी, प्रोसेसिंग एवं स्टार्ट-अप्स’ पर हुए सत्र के संयोजक के रूप में अपनी बात रखी। उन्होंने राजभवन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा, असम केवल एक प्रगतिशील डेयरी अर्थव्यवस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह एक अतुलनीय सांस्कृतिक विरासत और असाधारण रूप से समृद्ध पारंपरिक ज्ञान का भंडार भी है।

Prof. D.C. Rai ने अपनी मुख्य रणनीति को उत्पाद की गुणवत्ता और विविधीकरण पर केंद्रित किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पहला और अनिवार्य कदम स्वच्छ दूध उत्पादन सुनिश्चित करना है। इसके लिए सहकारी स्तर पर आधुनिक शीतलन और गुणवत्ता परीक्षण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है।

कुलपति प्रो राय ने असम में डेयरी उद्योग के संवर्धन की संभावनाओं पर कहा कि असम दूध की कमी वाले पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार जैसे दूध की कमी वाले पड़ोसी देशों की सीमा के नजदीक होने का भौगोलिक लाभ है। इस राज्य में डेयरी उद्योग के संवर्धन और डेयरी उत्पादों के निर्यात के आदर्श स्थिति है।

कुलपति प्रो. राय ने सम्मेलन के दौरान माननीय राज्यपाल श्री लक्ष्मण आचार्य जी से मुलाकात पर अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि गवर्नर श्री आचार्य जी का सहज और सरल व्यक्तित्व और उनका स्नेहपूर्ण व्यवहार अत्यंत प्रेरणादायक रहा। उन्होंने विशेष कार्य पदाधिकारी और पूर्व कुलपति प्रो बेचन लाल की डेयरी सम्मेलन के आयोजन में मुख्य भूमिका के लिए सराहना करते हुए कहा कि इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विमर्श से असम के डेयरी सेक्टर को उल्लेखनीय लाभ होगा। इस सम्मेलन के दौरान माँ कामाख्या देवी के दर्शन का भी सुअवसर प्राप्त होने को अपना सौभाग्य बताते हुए प्रो राय ने इसे अपने लिए एक धार्मिक और सांस्कृतिक उपलब्धि बताया।

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