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Gayghat Degree College में नियमित कक्षा संचालन हेतु बैठक आयोजित

August 11, 2026 | by Goltoo

pat512

Muzaffarpur 11 August : बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा चयनित 12 संविदा प्राध्यापकों में से 9 ने मंगलवार को Gayghat Degree College (राजकीय डिग्री महाविद्यालय, गायघाट) में अपना योगदान दिया।

Gayghat Degree College में नियमित कक्षा संचालन हेतु बैठक

Gayghat Degree College की प्राचार्या डॉ. पयोली ने सभी नवनियुक्त प्राध्यापकों के योगदान को स्वीकृत करते हुए उनका स्वागत किया। नए शिक्षकों के योगदान से कॉलेज में शैक्षणिक गतिविधियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

योगदान के बाद प्राचार्या ने महाविद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था को सुचारु एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नवनियुक्त प्राध्यापकों के साथ बैठक की। बैठक में नियमित कक्षाओं के संचालन, शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों के हित में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण तथा उनके सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों को प्राथमिकता देने और बेहतर अकादमिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया।

Gayghat Degree College में नियमित कक्षा संचालन हेतु बैठक
Gayghat Degree College में नियमित कक्षा संचालन हेतु बैठक

योगदान देने वाले प्राध्यापकों में डॉ. गणेश महतो, डॉ. तरुण कुमार भट्ट, डॉ. दत्तात्रेय निवृत्ति रावण, डॉ. विशाल गिरीश तिवारी, डॉ. ज्योति रानी, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. शिल्पा उपाध्याय, डॉ. आयुष वत्स और डॉ. उपांशु मिश्रा शामिल हैं। बैठक में कृष्णा कुमार भी उपस्थित रहे।

Gayghat Degree College में नियमित कक्षा संचालन हेतु बैठक
Gayghat Degree College में नियमित कक्षा संचालन हेतु बैठक

प्राचार्या डॉ. पयोली ने नवनियुक्त प्राध्यापकों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके योगदान से महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि नए शिक्षकों की मौजूदगी से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। कॉलेज प्रशासन ने शिक्षकों से समन्वय के साथ शैक्षणिक कार्यों को आगे बढ़ाने की अपेक्षा जताई।

राजकीय डिग्री महाविद्यालय, गायघाट में शिक्षकों के योगदान को क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नवनियुक्त प्राध्यापकों के माध्यम से विभिन्न विषयों में नियमित पठन-पाठन को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास को बढ़ावा देने पर महाविद्यालय का फोकस रहेगा।

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