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JMDPL Mahila College, मधुबनी में “शिक्षा और लोकतंत्र का अंतर्संबंध और युवाओं पर इसका प्रभाव” विषय पर आईसीएसएसआर प्रायोजित एकदिवसीय सेमिनार आयोजित

JMDPL Mahila College, मधुबनी में एकदिवसीय सेमिनार JMDPL Mahila College, मधुबनी में एकदिवसीय सेमिनार
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Madhubani 28 January : आईसीएसएसआर, नई दिल्ली एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 27 जनवरी को JMDPL Mahila College, मधुबनी में “Linkage of Education with Democracy and its Anticipated Impact on Youth Generation of India” विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन हुआ, जिसमें पूर्व कुलपति व वरिष्ठ शिक्षाविद शामिल हुए।

JMDPL Mahila College, मधुबनी में एकदिवसीय सेमिनार

इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR), नई दिल्ली के तत्वावधान में “Linkage of Education with Democracy and its Anticipated Impact on Youth Generation of India” विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन 27 जनवरी को जेएमडीपीएल महिला कॉलेज, मधुबनी (झुमक महासेठ डॉ. धर्मप्रिया लाल महिला कॉलेज) में किया गया। यह सेमिनार आईसीएसएसआर एवं कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

JMDPL Mahila College, मधुबनी में  एकदिवसीय सेमिनार
JMDPL Mahila College, मधुबनी में एकदिवसीय सेमिनार

सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति,बीएन मंडल मिथिला यूनिवर्सिटी, प्रो. रिपुसुदन श्रीवास्तव एवं भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व पीजी हेड प्रो. अनिल कुमार ओझा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य एवं चेयरमैन प्रो. सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने की।

JMDPL Mahila College, मधुबनी में एकदिवसीय सेमिनार
JMDPL Mahila College, मधुबनी में एकदिवसीय सेमिनार

अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. सत्येंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि शिक्षा और लोकतंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं तथा युवा पीढ़ी के समग्र विकास में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं मुख्य अतिथि प्रो. रिपु सुदन श्रीवास्तव ने शिक्षा को लोकतांत्रिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण का आधार बताया। प्रो. अनिल कुमार ओझा ने युवाओं में संवैधानिक चेतना और लोकतांत्रिक सोच विकसित करने पर बल दिया।

इस अवसर पर डॉ. रजनीकांत पांडेय, डॉ. अश्विनी कुमार सिंह, डॉ. रानी सिंह, डॉ. कुमार सचिनानंद, डॉ. कृष्ण मोहन, सिखा झा, डॉ. वाई.एल. दास सहित कई शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। सेमिनार के समन्वयक आईक्यूएसी के डॉ. विनय कुमार दास ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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