Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 29 January : बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के जन्तु विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष Prof. Manendra Kumar के नेतृत्व में विकसित “अल्ट्रासोनिक एण्ड सेंट बेस्ड रॉडेन्ट डिटेरेन्ट डिवाइस” के डिज़ाइन को यूनाइटेड किंगडम के इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस द्वारा पंजीकृत किया गया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय और शोधकर्ताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सफलता मानी जा रही है।

Prof. Manendra Kumar Registered Design Patent

चूहे आज घरों, खेतों, गोदामों, खाद्य भंडारण स्थलों, वाहनों तथा विद्युत प्रणालियों के लिए गंभीर समस्या बन चुके हैं। ये न केवल भारी आर्थिक क्षति पहुंचाते हैं, बल्कि प्लेग, लेप्टोस्पाइरोसिस, सैलमोनेलोसिस और लासा फिवर जैसे घातक रोगों के प्रसार का कारण भी बनते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार चूहों से फसलों और संग्रहित अनाज को हर वर्ष लगभग 40,000 से 45,000 करोड़ रुपये का नुकसान होता है।

पारंपरिक चूहा नियंत्रण उपाय जैसे जहर, पिंजरे और रासायनिक स्प्रे मानव स्वास्थ्य, बच्चों, पालतू जानवरों और पर्यावरण के लिए जोखिमपूर्ण साबित होते हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह अत्याधुनिक अल्ट्रासोनिक एवं सुगंध-आधारित चूहा निरोधक उपकरण विकसित किया गया है, जो सुरक्षित, गैर-विषैला और दीर्घकालिक समाधान प्रदान करता है।

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Prof. Manendra Kumar के नेतृत्व में विकसित अल्ट्रासोनिक-सुगंध आधारित रॉडेन्ट डिटेरेन्ट डिवाइस का यूके में डिज़ाइन पेटेंट पंजीकृत
Prof. Manendra Kumar के नेतृत्व में विकसित अल्ट्रासोनिक-सुगंध आधारित रॉडेन्ट डिटेरेन्ट डिवाइस का यूके में डिज़ाइन पेटेंट पंजीकृत

इस उपकरण के विकास में Prof. Manendra Kumar की टीम में उनके शोधार्थी स्वाती सुमन और सोनम कुमारी के साथ-साथ बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के जन्तु विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ब्रजकिशोर प्रसाद सिंह की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

यह डिवाइस एक हाइब्रिड डुअल-एक्शन सिस्टम पर आधारित है, जिसमें 20–60 केएचजेड आवृत्ति वाला परिवर्तनीय अल्ट्रासोनिक एमिटर लगाया गया है, जिससे चूहे ध्वनि के प्रति अभ्यस्त नहीं हो पाते। पैसिव इन्फ्रारेड मोशन सेंसर चूहों की गतिविधि का पता लगाता है, जबकि माइक्रोकंट्रोलर आधारित प्रणाली अल्ट्रासोनिक ध्वनि और सुगंध उत्सर्जन को नियंत्रित करती है। इसमें पेपरमिंट और सिट्रोनेला जैसे प्राकृतिक आवश्यक तेलों से भरी सुगंध कार्ट्रिज माइक्रो-डोज में गंध छोड़ती है। यह उपकरण लो-पावर ऑपरेशन के साथ बैटरी और सोलर विकल्पों में भी उपलब्ध है।

अल्ट्रासोनिक ध्वनि और सुगंध का संयुक्त प्रभाव चूहों की श्रवण एवं घ्राण शक्ति पर निरंतर दबाव बनाता है, जिससे वे उस स्थान को स्थायी रूप से छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। यह ध्वनि तरंगें मनुष्यों को सुनाई नहीं देतीं, लेकिन चूहों के लिए अत्यंत असहज होती हैं।

अल्ट्रासोनिक एवं सुगंध आधारित यह स्मार्ट डिवाइस चूहों के नियंत्रण के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी और मानवीय नवाचार के रूप में देखा जा रहा है। यह तकनीक पारंपरिक हानिकारक तरीकों का प्रभावी विकल्प बनकर सुरक्षित, स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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