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RDS College में शोध गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए “रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी” की बैठक

SKJ Law College
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Muzaffarpur 6 August : RDS College प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य डॉ अनिता सिंह के नेतृत्व में “रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी” की बैठक हुई। रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी में शोध गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

RDS College में “रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी” की बैठक

प्राचार्य डॉ अनिता सिंह ने बताया कि कॉलेज के सभी शिक्षक शोध गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विशेष रूप से शोध लेखन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय जर्नल में शोध लेख प्रकाशित करवाना अनिवार्य है। NAAC के मानदंडों और UGC के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी शिक्षकों को सालाना उच्च गुणवत्ता वाले शोध लेख प्रकाशित करना अनिवार्य है।

 RDS College प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य डॉ अनिता सिंह के नेतृत्व में "रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी" की बैठक हुई।
RDS College प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य डॉ अनिता सिंह के नेतृत्व में “रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी” की बैठक हुई।

इस पहल का समर्थन करने के लिए, कॉलेज प्रशासन शोधकर्ताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। लेखकों को एक शोध लेख प्रकाशित करने के लिए ₹5000 और एक से अधिक लेख प्रकाशित करने के लिए ₹10000 मिलेंगे। शोध आलेख का प्रकाशन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्तरीय शोध जर्नल में होना चाहिए। मान्यता प्राप्त पत्रिकाओं में एससीआई, स्कोपस, एसएससीआई और ए एंड एचसीआई शामिल हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लेखों को अच्छी तरह से सम्मानित किया जाए। शोध जर्नल हाई इंपैक्ट फैक्टर वाला होना चाहिए।

 RDS College प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य डॉ अनिता सिंह के नेतृत्व में "रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी" की बैठक हुई।
RDS College प्राचार्य कक्ष में प्राचार्य डॉ अनिता सिंह के नेतृत्व में “रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी” की बैठक हुई।

सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि संकाय सदस्यों को एक लेख के लिए 5000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यदि कोई संकाय सदस्य एक शैक्षणिक वर्ष में दो या अधिक या दो से अधिक लेख प्रकाशित करता है, तो उक्त उद्देश्य के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता एक शैक्षणिक वर्ष में 10000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रोत्साहन का दावा लेख के प्रकाशन वर्ष में ही करना होगा, उसके बाद किए गए दावों पर विचार नहीं किया जाएगा। एक लेख के लिए अधिकतम वित्तीय प्रोत्साहन केवल 5000 रुपये होगा। यदि एक से अधिक संकाय सदस्य शोध पत्र में सह-लेखक हैं, तो इस स्थिति में वित्तीय प्रोत्साहन इस संस्थान के सह-लेखकों के बीच साझा किया जाएगा।

SCI/SCOPUS/SSCI/A&HCI एससीआई, स्कोपस, एसएससी आइ,ए&एचसीआई आदि मानक शोध ग्रन्थों में शोध आलेख छपने से इसकी मान्यता होगी।


मौके पर रिसर्च डेवलपमेंट कमेटी के कन्वेनर डॉ आर एन ओझा,डॉ रमेश गुप्ता, डॉ एम रिज़वी, डॉ संजय सुमन,डॉ सुरेश शुक्ला, डॉ सौरव राज, डॉ रजनीकान्त, डॉ मंजरी आनंद, डॉ श्रुति मिश्रा, डॉ राजेश कुमार,डॉ आयशा जमाल, डॉ सुमन लता, डॉ सत्येन्द्र सिंह डॉ प्रियंका दीक्षित, डॉ कृतिका वर्मा, डॉ हसन रजा, डॉ दिनेश तिवारी, डॉ भैरवी, डॉ अपर्णा, डॉ आशुतोष मिश्रा डॉ पूनम , डॉ आनंद दूबे, डॉ ललित किशोर आदि उपस्थित थे।