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B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग : मानसिक स्वास्थ्य और मन की शुद्धि पर राष्ट्रीय कार्यशाला, राजयोग ध्यान के महत्व पर जोर

B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग : मानसिक स्वास्थ्य और मन की शुद्धि पर राष्ट्रीय कार्यशाला, राजयोग ध्यान के महत्व पर जोर B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग : मानसिक स्वास्थ्य और मन की शुद्धि पर राष्ट्रीय कार्यशाला, राजयोग ध्यान के महत्व पर जोर
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Muzaffarpur 6 February : B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग, प्रो. सोहन राज लक्ष्मी देवी तातेर जैन चेयर, जोधपुर तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में डॉ. पीयूष रंजन ने कहा कि सकारात्मक विचारों का प्रबंधन ही राजयोग ध्यान है, जो मानसिक तनाव, अवसाद और एकाग्रता की समस्या को दूर करने में सहायक है।

B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग : राष्ट्रीय कार्यशाला

विश्वविद्यालय मनोविज्ञान विभाग, प्रो सोहन राज लक्ष्मी देवी तातेर जैन चेयर, जोधपुर एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के संयुक्त तत्वावधान में “मानसिक स्वास्थ्य और मन की शुद्धि” विषयक एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ पीयूष रंजन ने कहा कि सकारात्मक विचारों का प्रबंधन ही राजयोग मेडिटेशन है। इस ध्यान पद्धति से मन को शांत करने, मानसिक तनाव और अवसाद को कम करने में काफी मदद मिलती है।

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B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग : मानसिक स्वास्थ्य और मन की शुद्धि पर राष्ट्रीय कार्यशाला, राजयोग ध्यान के महत्व पर जोर

यह आध्यात्मिक अभ्यास नकारात्मक विचारों को दूर कर जीवन में सकारात्मकता लाता है। यह स्वयं को जानने और आंतरिक शक्तियों को विकसित करने का एक सशक्त माध्यम है। नियमित अभ्यास से मन एकाग्र होता है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। डॉ पीयूष ने युवाओं को सलाह दी कि उन्हें मोबाइल और सोशल मीडिया से एक हद तक दूरी बनानी चाहिए। ऐसा करने से एकाग्रता और प्रोडक्टिविटी में सुधार होगा और कार्य में उत्पादकता बढ़ेगी।

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डायनेमिक ट्रेनर बीके संजय कुमार ने कहा वर्तमान समय में स्क्रीन टाइम युवाओं के मन और शरीर दोनों के लिए खतरनाक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौरा आ गया है, इस पर अत्यधिक निर्भरता युवाओं के विकास और भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। राजयोग ध्यान से सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान संभव है।

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कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ दिनेश चंद्र राय ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय पूरे विश्व में मेंटल हेल्थ पर कार्य कर रहा है। राजयोग ध्यान के माध्यम से स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन का संदेश दिया जा रहा है। हम सबों को भारतीय ज्ञान परंपरा और वसुधैव कुटुंबकम की भावना को फैलाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने मनोविज्ञान विभाग को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।

B.R.A. Bihar University मनोविज्ञान विभाग : मानसिक स्वास्थ्य और मन की शुद्धि पर राष्ट्रीय कार्यशाला, राजयोग ध्यान के महत्व पर जोर
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विषय प्रवेश कराते हुए मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ रजनीश कुमार गुप्ता ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों के सर्वांगीण विकास, एकेडमिक प्रदर्शन में सुधार और तनाव जैसी समस्याओं के शीघ्र निवारण के लिए आवश्यक उपाय बताना है। यह कार्यशाला समग्र शारीरिक- मानसिक स्वास्थ्य, उत्पादकता, स्वस्थ रिश्ते और जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

मंच संचालन डॉ सुनीता कुमारी और धन्यवाद ज्ञापन डॉ आभा रानी सिन्हा ने किया। मनोविज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं में गुंजा, सना परवीन, सौरभ, आदित्य, पवन, रजनीश, उमानंद, दीपक और अस्मिता ने कार्यशाला के सफल संचालन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यशाला में एमआईटी के प्राचार्य डॉ मिथिलेश झा, बीके डॉ फनीश चंद्र, समाजसेवी एच एल गुप्ता, बीके सीता, बीके रेणु, बीएल लाहौरी, बीके राजेंद्र प्रसाद चौरसिया, बीके रंजना झा, मनोविज्ञान विभाग के डॉ विकास कुमार, डॉ किरण कुमारी, डॉ रितु कुमारी, विश्वविद्यालय डीन, प्राचार्य एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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