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नालंदा विश्वविद्यालय व बोधगया का शैक्षणिक भ्रमण कर लौटे RDS College के छात्र, प्राचीन इतिहास से हुए रूबरू

नालंदा विश्वविद्यालय व बोधगया का शैक्षणिक भ्रमण कर लौटे RDS College के छात्र नालंदा विश्वविद्यालय व बोधगया का शैक्षणिक भ्रमण कर लौटे RDS College के छात्र
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Muzaffarpur 12 February : RDS College , मुजफ्फरपुर के प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग के तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत नालंदा विश्वविद्यालय और बोधगया का दौरा किया, जहां उन्होंने प्राचीन इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

RDS College के छात्र, प्राचीन इतिहास से हुए रूबरू

मुजफ्फरपुर के RDS College के प्राचीन भारतीय इतिहास, पुरातत्व व संस्कृति विभाग,तृतीय सेमेस्टर (2024-26) के छात्र-छात्राओं ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत नालंदा विश्वविद्यालय और बोधगया जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया:

शैक्षणिक भ्रमण टीम का नेतृत्व डॉ एम एन रजवी और पूर्व विभागाध्यक्ष व सीनेटर डॉ संजय कुमार सुमन ने किया। अध्यक्ष डॉ एम एन रजवी ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को प्राचीन इतिहास, कला और संस्कृति को करीब से समझने व व्यवहारिक ज्ञान हासिल करने का अवसर प्रदान करते हैं।

छात्र-छात्राओं ने नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावेश स्थल पर जाकर उसके इतिहास को जाना। इसके साथ ही उन्होंने महाबोधि मंदिर, बराबर की गुफाएं, बोधि वृक्ष, थाई मठ, बुद्ध की ऊंची प्रतिमा, जापानी मंदिर व आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम का भ्रमण किया।

नालंदा विश्वविद्यालय व बोधगया का शैक्षणिक भ्रमण कर लौटे RDS College के छात्र
नालंदा विश्वविद्यालय व बोधगया का शैक्षणिक भ्रमण कर लौटे RDS College के छात्र

डॉ संजय कुमार सुमन ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय के इतिहास से अवगत कराया।

छात्रों ने जाना:
1. प्राचीन काल में नालंदा विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा का अत्यंत महत्वपूर्ण और विश्वविख्यात केंद्र था। महायान बौद्ध धर्म के इस शिक्षा केंद्र में विभिन्न धर्मों तथा अनेक देशों के छात्र अध्ययन करते थे। इसके भग्नावशेष आज भी इसके प्राचीन वैभव की गाथा बताते हैं। चीनी यात्री ह्वेनसांग और इतसिंग के यात्रा-वृत्तांत से विश्वविद्यालय के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है।

2. नालंदा विश्वविद्यालय को विश्व का प्रथम आवासीय विश्वविद्यालय माना जाता है।

3. यहां दस हजार से अधिक छात्र और लगभग दो हजार से अधिक शिक्षक अध्ययन-अध्यापन से जुड़े थे।

4. इस विश्वविद्यालय में कोरिया, जापान, चीन, तिब्बत और इंडोनेशिया सहित अनेक देशों से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने आते थे।

5. नालंदा विश्वविद्यालय में केवल बौद्ध दर्शन ही नहीं, बल्कि खगोल विज्ञान, गणित, चिकित्सा, तर्कशास्त्र, व्याकरण और साहित्य जैसे विषयों की भी शिक्षा दी जाती थी।

6. नालंदा विश्वविद्यालय की विशाल लाइब्रेरी में लगभग 90 लाख से अधिक पांडुलिपियां सुरक्षित थीं।

      भ्रमण से लौटे छात्र-छात्राओं को प्राचार्य डॉ शशि भूषण कुमार ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शैक्षणिक परिभ्रमण रोचक तरीके से व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अच्छा माध्यम है। शैक्षणिक भ्रमण से उनका सर्वांगीण विकास होता है। 

विभाग के डॉ अनुपम कुमार, डॉ अजमत अली, डॉ ललित किशोर, डॉ मनीष कुमार शर्मा, डॉ रविंद्र कुमार,और विनय तिवारी ने छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना की।

भ्रमण पर गए छात्र-छात्राओं में शमा खातून, तौफीक अंसारी, नीलम, विक्की, सुनील, कुशवाहा, रितु,अंबिका झा, लकी , चांद लाल राम, रंजय, सपना, सिंधु , अरुण कुमार सिंह, संदेश शाह, आंचल,मधु , पूजा, विशाल, राम विनय, राजन कुमार राय, अंतिमा, मनीषा, निधि, विशाल, खुशबू , राजेश, अभिषेक, नसीम अख्तर, मंजूली देवी, हृदय रविदास, रवि राज, मुन्ना कुमार आदि उपस्थित थे।

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