Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 2 July : मुजफ्फरपुर के RDS College में भारतीय शिक्षा दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय एवं विद्वानों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, NEP 2020, संस्कृति, मातृभाषा और चरित्र निर्माण पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

RDS College में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर आज राम दयालु सिंह (RDS College) कॉलेज, मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण सभागार में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी ‘भारतीय ज्ञान परंपरा : शिक्षा, संस्कृति एवं समकालीन परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज की आई.क्यू.ए.सी. (IQAC) एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, उत्तर बिहार प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
संगोष्ठी की शुरुआत मंच संचालन कर रहे संयोजक डॉ. भगवान कुमार (गणित विभाग) और पंकज कुमार तिवारी के कुशल संयोजन में हुई।

RDS College में 'भारतीय ज्ञान परंपरा' पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
RDS College में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

कुलपति का संबोधन: चरित्र और मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी
मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) दिनेश चंद्र राय ने सभी को भारतीय शिक्षा दिवस की बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को गढ़ने में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा:
“शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं, बल्कि मानव का समग्र विकास और चरित्र निर्माण है। हमें विज्ञान और तकनीक में अवश्य आगे बढ़ना है, लेकिन अपनी तासीर, मूल्यों और गौरवशाली संस्कृति को नहीं छोड़ना है। जीवन में अनुशासन ही सफलता का मूलमंत्र है।”

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RDS College में 'भारतीय ज्ञान परंपरा' पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
RDS College में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

मुख्य वक्ता का संदेश: ‘मां, मातृभाषा और मातृभूमि’ का कोई विकल्प नहीं
त्रिपुरा केंद्रीय विश्वविद्यालय, अगरतल्ला के साहित्य संकाय के अधिष्ठाता एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय भाषा मंच के सहसंयोजक प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार मिश्र ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि 2 जुलाई 2004 को ‘शिक्षा बचाओ आंदोलन’ के रूप में शुरू हुआ यह संगठन आज चरित्र निर्माण और इतिहास सुधार पर बड़ा काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा:
“औपनिवेशिक काल की काली छाया ने हमारी शिक्षा व्यवस्था को खंडित किया और सिर्फ विदूषक पैदा किए। बिहार की भूमि नालंदा और विक्रमशिला जैसे सर्वोच्च ज्ञान केंद्रों की भूमि रही है। हमें पुनः संवाद, शास्त्रार्थ और अपनी भाषा में चिंतन करने की परंपरा की ओर लौटना होगा। मां, मातृभाषा और मातृभूमि का जीवन में कोई विकल्प नहीं है।”

RDS College में 'भारतीय ज्ञान परंपरा' पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
RDS College में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

विशिष्ट वक्ता: समन्वय और ज्ञान ही भारतीय संस्कृति की शक्ति
विश्वविद्यालय के महाविद्यालय निरीक्षक (कला एवं वाणिज्य) प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार ने विशिष्ट वक्ता के रूप में बोलते हुए कहा कि जिस प्रकार अनेक धाराएं मिलकर गंगा का स्वरूप लेती हैं, वैसे ही समन्वय के तत्व से भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकट होती है। हमारी संस्कृति प्राचीन होने के साथ-साथ नित नूतन है, जिसमें शास्त्र और लोक दोनों का अद्भुत समन्वय है। उन्होंने यक्ष-युधिष्ठिर संवाद का उदाहरण देते हुए सम्यक श्रवण और तत्व के वास्तविक बोध को ही सच्चा ज्ञान बताया।

स्वागत एवं संगोष्ठी परिचय
इससे पूर्व, अतिथियों का स्वागत करते हुए RDS College के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शशि भूषण कुमार ने कहा कि कुलपति जी के कुशल नेतृत्व में विश्वविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा पर लगातार सार्थक आयोजन हो रहे हैं। संगोष्ठी का परिचय देते हुए वक्ताओं ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य युवाओं और छात्रों को अपनी संस्कृति, जड़ों और मूल्यों का बोध कराना है।

RDS College में 'भारतीय ज्ञान परंपरा' पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
RDS College में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा’ पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न

धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. रजनी कांत पांडेय द्वारा सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों और छात्र-छात्राओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।इस अवसर पर भारी संख्या में बुद्धिजीवी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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