Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 20 January : मुजफ्फरपुर में आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री न्यास और रजा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री Acharya Janaki Vallabh Shashtri का जयंती समारोह मनाया गया।। दो सत्रों में हुए कार्यक्रम में विचार-विमर्श और काव्य पाठ के माध्यम से साहित्यकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

Acharya Janaki Vallabh Shashtri आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की जयंती

दिनांक 20 जनवरी, मंगलवार को मुजफ्फरपुर में Acharya Janaki Vallabh Shashtri न्यास एवं रजा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया, जिसमें प्रथम सत्र विचार-विमर्श तथा द्वितीय सत्र काव्य पाठ के रूप में संपन्न हुआ।

Acharya Janaki Vallabh Shashtri आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की जयंती
Acharya Janaki Vallabh Shashtri आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की जयंती

कार्यक्रम का उद्घाटन मुजफ्फरपुर के माहर्ता श्री सुब्रत कुमार सेन ने आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्पण कर किया। स्वागत भाषण न्यास के सचिव एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष प्रो. गोपेश्वर सिंह ने दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में शास्त्री जी की छोटी नतिनी द्वारा उनकी कविता को गीत के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने सराहा।

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विचार-विमर्श सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधार्थी शेखर सुमन ने आचार्य शास्त्री से जुड़े विभिन्न साक्षात्कारों का उल्लेख करते हुए उन्हें हिंदी की मुख्यधारा का एक महान कवि बताया। विधानपार्षद बंशीधर बृजवासी ने कहा कि जिस प्रकार वाराणसी तुलसीदास और कबीर के लिए जानी जाती है, उसी प्रकार मुजफ्फरपुर की पहचान आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री से है।

Acharya Janaki Vallabh Shashtri आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की जयंती
Acharya Janaki Vallabh Shashtri आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री की जयंती

पूर्व अध्यक्ष, हिंदी विभाग, बिहार विश्वविद्यालय, रामप्रवेश जी ने शास्त्री जी के साथ बिताए गए आत्मीय क्षणों को साझा किया। वहीं शास्त्री जी की बड़ी नतिनी दीप्ति मिश्रा ने उनकी प्रसिद्ध कविता “चांद का फूल खिला” का सजीव पाठ किया।

प्रो. डॉ. रिपुसूदन श्रीवास्तव, पूर्व कुलपति, बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय ने शास्त्री जी के साथ कवि सम्मेलनों में बिताए अनुभवों को स्मरण करते हुए उनके स्नेही स्वभाव पर प्रकाश डाला। प्रथम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन शास्त्री जी की छोटी नातिन रश्मि मिश्रा ने किया, जबकि मंच संचालन डॉ. मनोज कुमार सिंह ने किया।

अल्पाहार के पश्चात द्वितीय सत्र काव्य पाठ के रूप में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता कवयित्री शैल केजरीवाल ने की। इस सत्र में दीपक कुमार सिंह, सुरेश वर्मा (सीतामढ़ी), प्रो. पूनम सिंह, दीनबंधु आज़ाद, देवेंद्र कुमार, उपेंद्र कुमार सिन्हा, डॉ. संदीप कुमार सिंह, राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित फुलगेंद पूर्वे सहित अनेक कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर किया।

इसके अतिरिक्त युवा कवि श्रवण कुमार, उमानाथ राय, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, रघुनाथ मोहब्बत पुड़िया, अशोक भारती, रेखा जायसवाल एवं शोधछात्र रामविलास ने भी काव्य पाठ किया। द्वितीय सत्र का मंच संचालन कवि हरिकिशोर सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन विजय शंकर मिश्र ने किया।

पूरा समारोह साहित्यिक गरिमा, भावनात्मक जुड़ाव और काव्य रस से परिपूर्ण रहा, जिसमें आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्री के साहित्यिक योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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