Bihar Raj Bhavan में राज्यपाल के सलाहकार की नियुक्ति पर गंभीर सवाल, वित्तीय नियमों के उल्लंघन का आरोप
August 9, 2026 | by Goltoo
Patna 9 August : Bihar Raj Bhavan में राज्यपाल के सलाहकार की नियुक्ति पर शिव जतन ठाकुर ने पात्रता, वित्तीय नियम, ₹2 लाख मानदेय और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
Bihar Raj Bhavan में राज्यपाल के सलाहकार की नियुक्ति पर गंभीर सवाल
Bihar Raj Bhavan में राज्यपाल के सलाहकार के रूप में प्रो. बिनोद कुमार त्रिपाठी की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक और वित्तीय नियमों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। बिहार के बुद्धिजीवी वर्ग से जुड़े शिव जतन ठाकुर ने नियुक्ति को रद्द करने की मांग करते हुए एक प्रार्थना-पत्र दिया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि नियुक्ति प्रक्रिया में बिहार वित्तीय संशोधन नियम-2024 के कई प्रावधानों की अनदेखी हुई। नियुक्ति अधिसूचना संख्या MISC-09/2026-1583-GS(III) का हवाला देते हुए याचिकाकर्ता ने प्रो. त्रिपाठी की पात्रता, सिंगल टेंडर प्रक्रिया, ₹2 लाख मासिक मानदेय, पेंशन समायोजन और वित्त विभाग से परामर्श जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये आरोप फिलहाल याचिकाकर्ता के दावे हैं और संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
Bihar Raj Bhavan : सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की नियुक्ति पर उठाया सवाल
शिव जतन ठाकुर की आपत्ति का पहला आधार बिहार वित्तीय नियमों के नियम 131 के उप-नियम Z को बताया गया है। याचिका के अनुसार, इस प्रावधान में सेवानिवृत्त सरकारी सेवकों से परामर्श सेवा लेने पर प्रतिबंध का उल्लेख है। प्रार्थना-पत्र में प्रो. बिनोद कुमार त्रिपाठी को एनसीईआरटी के पूर्व संयुक्त निदेशक और सेवानिवृत्त अधिकारी बताया गया है।
याचिकाकर्ता का दावा है कि पेंशन प्राप्त कर रहे किसी सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की सलाहकार के रूप में नियुक्ति इस प्रावधान के अनुरूप नहीं है। उनका तर्क है कि ऐसे नियमों का उद्देश्य सरकारी खजाने पर अनावश्यक वित्तीय भार और सेवानिवृत्त अधिकारियों को पेंशन के साथ अतिरिक्त सरकारी भुगतान मिलने की संभावित स्थिति को नियंत्रित करना है। हालांकि, संबंधित नियम की नियुक्ति पर वास्तविक कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण सक्षम प्राधिकारी या न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही हो सकता है।

सिंगल टेंडर प्रावधान के इस्तेमाल पर भी विवाद
नियुक्ति से जुड़ा दूसरा बड़ा सवाल नियम 131 के उप-नियम ZQ को लेकर है। याचिका में दावा किया गया है कि यह प्रावधान विशेष परिस्थितियों में स्थापित फर्मों से परामर्श सेवाएं लेने के लिए सिंगल टेंडर की व्यवस्था से संबंधित है। इसके बावजूद प्रो. त्रिपाठी की नियुक्ति व्यक्तिगत क्षमता में किए जाने पर आपत्ति जताई गई है।
शिव जतन ठाकुर का आरोप है कि किसी पंजीकृत या स्थापित फर्म के लिए निर्धारित प्रावधान को व्यक्तिगत नियुक्ति पर लागू करना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि यदि सिंगल टेंडर प्रक्रिया अपनाई ही नहीं गई, तो संबंधित प्रावधान को नियुक्ति के आधार के रूप में इस्तेमाल किए जाने की वैधानिकता की जांच आवश्यक है।
₹2 लाख मासिक मानदेय और सरकारी सुविधाओं पर सवाल
प्रो. त्रिपाठी की नियुक्ति में ₹2 लाख प्रति माह मानदेय के साथ वाहन और सचिवीय सुविधा दिए जाने की बात भी विवाद का प्रमुख बिंदु है। याचिकाकर्ता का दावा है कि सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को मिलने वाले मानदेय के पेंशन के साथ समायोजन से संबंधित प्रावधान नियुक्ति में स्पष्ट नहीं किया गया।
इसके अलावा, याचिका में आरोप है कि वाहन और सचिवीय सुविधा सहित इस वित्तीय दायित्व को तय करने से पहले राज्य के वित्त विभाग से आवश्यक परामर्श नहीं लिया गया। यदि यह आरोप आधिकारिक जांच में सही पाया जाता है, तो मामला वित्तीय अनुशासन और सरकारी व्यय की स्वीकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रश्न बन सकता है।
Bihar Raj Bhavan अपर मुख्य सचिव की भूमिका पर भी उठे सवाल
मामले में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की भूमिका को लेकर भी याचिकाकर्ता ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नियुक्ति संबंधी अधिसूचना को प्रमाणित करते समय नियमों की पर्याप्त जांच नहीं की गई। प्रार्थना-पत्र में इसे प्रशासनिक जवाबदेही और सेवा आचरण से जोड़ते हुए गंभीरता से जांच की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने ऑल इंडिया सर्विसेज कंडक्ट रूल्स, 1968 में निर्धारित कर्तव्य, ईमानदारी और राजनीतिक निष्पक्षता के मानकों का भी उल्लेख किया है। साथ ही संविधान के अनुच्छेद 159 के तहत राज्यपाल की संवैधानिक शपथ का हवाला देते हुए कहा गया है कि राजभवन से जुड़े सभी प्रशासनिक निर्णय कानून और नियमों के अनुरूप होने चाहिए।

बिहार के स्थानीय प्रतिभाओं की अनदेखी का आरोप
विवाद का एक पहलू नियुक्ति की पारदर्शिता और स्थानीय प्रतिभाओं से भी जुड़ा है। शिव जतन ठाकुर का कहना है कि बिहार में अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविद, विद्वान और पद्मश्री सम्मानित लोग मौजूद हैं, जिन्हें राज्यपाल के सलाहकार जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए विचार में लिया जा सकता था।
याचिका में स्थानीय प्रतिभाओं की कथित अनदेखी को योग्यता आधारित चयन और सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता के नजरिए से महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि नियुक्ति में नियमों के पालन के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में शुचिता के सिद्धांतों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
नियुक्ति की वैधता पर अब आधिकारिक स्पष्टीकरण अहम
राज्यपाल के सलाहकार की नियुक्ति से जुड़ा यह विवाद अब पात्रता, वित्तीय नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया की जांच के सवाल तक पहुंच गया है। याचिकाकर्ता की मांग है कि नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए और यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उचित कार्रवाई हो।
BRABU Vocational Exam 2026: बीआरएबीयू ने 13 अगस्त से 2 सितंबर तक व्यावसायिक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी किया। एमसीए, एमबीए, योग, फिशरीज, रूसी भाषा सहित कई पाठ्यक्रम शामिल। https://t.co/RTdteUb0e0 @brabu_ac_in pic.twitter.com/yelc1c8rOM
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) August 7, 2026
हालांकि, अभी तक उपलब्ध सामग्री में इन आरोपों पर राजभवन, राज्य सरकार या संबंधित अधिकारियों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए नियुक्ति को अवैध या नियम-विरुद्ध घोषित करना जल्दबाजी होगी। मामले में मूल अधिसूचना, लागू वित्तीय नियमों और संबंधित विभागों की स्वीकृतियों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
राजभवन जैसे संवैधानिक संस्थान से जुड़े इस मामले ने एक व्यापक सवाल जरूर खड़ा किया है—क्या उच्चस्तरीय प्रशासनिक नियुक्तियों में वित्तीय और कानूनी प्रक्रिया की सार्वजनिक पारदर्शिता को और मजबूत किया जाना चाहिए?

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।
RELATED POSTS
View all