Muzaffarpur News
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मुजफ्फरपुर, 17 फरवरी 2025 – B.R.A. Bihar Universityबी आर ए बिहार विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग एवं भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR) के संयुक्त तत्वावधान में आज सेनेट हॉल में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का विषय ‘ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ था।

Bihar University राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

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Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय में 'भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय में ‘भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
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Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय में 'भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय में ‘भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
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Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय में 'भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय में ‘भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

मुख्य वक्ता का संबोधन

इस राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. संगीत कुमार रागी ने अपने विचार रखे। उन्होंने पश्चिमी विचारधारा की उस धारणा को खारिज किया, जिसमें यह कहा जाता है कि भारत कभी एक राष्ट्र था ही नहीं। डॉ. रागी ने तर्कों के आधार पर स्पष्ट किया कि किस प्रकार संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने राष्ट्र निर्माण के लिए कैथोलिक धर्म का सहारा लिया और वर्तमान में यूरोप के देश अपनी राष्ट्रीयता की रक्षा के लिए वीज़ा नियमों को कठोर बना रहे हैं।

Dr Sangit Kumar Ragi-Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय में 'भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
Dr Sangit Kumar Ragi-Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय में ‘भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन

उन्होंने यह भी बताया कि भारतीय राष्ट्रवाद की अवधारणा स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी के विचारों में स्पष्ट रूप से झलकती है। साथ ही, भारतीय दर्शन के मूल तत्व वेदों और उपनिषदों में भी पाए जाते हैं।

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Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय
Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय

मुख्य अतिथि का वक्तव्य

इस अवसर पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मोतिहारी के कुलपति डॉ. संजय श्रीवास्तव ने ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में भारतीय राष्ट्रवाद की प्राचीनता पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद सहिष्णुता और विविधता में एकता के सिद्धांत पर आधारित रहा है।

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गणमान्य अतिथियों की भागीदारी

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डॉ दिनेश चंद्र राय ने कहा कि भारत की संस्कृति वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति है। हमारी संस्कृति हमारे विचारों की वाहक है, जो पूरी दुनिया को अपने विचारों से आच्छादित करती है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है।

विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नीलम कुमारी ने आगत अतिथियों का स्वागत किया, जबकि विषय प्रवेश डॉ. मधु सिंह ने कराया। मंच संचालन का दायित्व युवा शिक्षक डॉ. अमर बहादुर शुक्ला ने निभाया।

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इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त वरिष्ठ शिक्षक प्रो. अनिल कुमार ओझा को कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया।

सेमिनार में शामिल प्रमुख हस्तियां

इस सेमिनार में राजनीति विज्ञान के प्रसिद्ध विद्वानों एवं शिक्षकों ने अपनी भागीदारी दी। इनमें प्रमुख रूप से प्रो. जीतेन्द्र नारायण, प्रो. विकास नारायण उपाध्याय, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. नित्यानंद शर्मा और डॉ. राजेश्वर प्रसाद सिंह आदि शामिल रहे।

Bihar University बी आर ए बिहार विश्वविद्यालय
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शोध पत्र और स्मारिका प्रकाशन

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इस अवसर पर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से एक स्मारिका का प्रकाशन भी किया गया। इस स्मारिका में 90 शोधार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध पत्रों को संकलित किया गया, जो भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर गहन अध्ययन को दर्शाते हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस दो दिवसीय सेमिनार ने भारतीय सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अवधारणा को ऐतिहासिक और समसामयिक दृष्टिकोण से समझने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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