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LS College में भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती गौरवपूर्ण तरीके से मनाई गई, कविता और राष्ट्रवाद पर हुआ बौद्धिक विमर्श

LS College में भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती LS College में भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती
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Muzaffarpur 13 February : LS College के बीबीए सभागार में भारत कोकिला Sarojini Naidu की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में अंग्रेजी विभाग द्वारा ‘सरोजिनी नायडू की कविता: भारतीय संस्कृति और कल्पना की झलक’ विषय पर बौद्धिक विमर्श आयोजित किया गया, जिसमें वक्ताओं ने उनके साहित्यिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी योगदान पर प्रकाश डाला तथा छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

LS College में भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती

LS College के बीबीए सभागार में को भारत कोकिला’ सरोजिनी नायडू की जयंती गौरवपूर्ण तरीके से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं प्राचार्या प्रो कनुप्रिया द्वारा सरोजिनी नायडू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करने के साथ हुई। इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग द्वारा ‘सरोजिनी नायडू की कविता: भारतीय संस्कृति और कल्पना की झलक’ विषय पर बौद्धिक विमर्श का आयोजन हुआ, जिसमें वक्ताओं ने उनके साहित्यिक और राष्ट्रवादी योगदान की चर्चा की।

LS College में भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती
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मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पीजी अंग्रेजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. देवब्रत प्रसाद ने कहा कि सरोजिनी नायडू की कविताएँ केवल शब्द नहीं, बल्कि भारतीय लोक जीवन के सजीव चित्र हैं। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय परंपराओं और यहाँ की मिट्टी की खुशबू को वैश्विक स्तर पर पहुँचाया।

प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सरोजिनी नायडू की प्रसिद्ध कविता ‘विलेज सॉन्ग’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह कविता मात्र ग्रामीण परिवेश का चित्रण नहीं, बल्कि एक महिला के अंतर्मन और उसके संघर्ष की गहरी कहानी है। प्राचार्या ने बताया कि सरोजिनी नायडू के जन्मदिवस को ‘राष्ट्रीय महिला दिवस’ के रूप में मनाया जाना, नारी शक्ति के प्रति उनके अडिग समर्पण का प्रतीक है।

LS College में भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती
LS College में भारत कोकिला सरोजिनी नायडू की जयंती

प्राचार्या प्रो कनुप्रिया ने कहा कि ने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों पर आधारित एक ‘विशेष व्याख्यान श्रृंखला’ शुरू की जा रही है, इसके तहत देश की महान विभूतियों के कृतित्व और उनके संघर्षों पर विभिन्न विभागों द्वारा व्याख्यान , सेमिनार, वर्कशॉप आदि के माध्यम से नियमित चर्ची सुनिश्चित की जाएगी, ताकि नई पीढ़ी उनसे सही मार्गदर्शन प्राप्त कर सके.

इस अवसर पर प्रो कनुप्रिया ने भाषण प्रतियोगिता में अव्वल आने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनकी हौसला अफजाई भी की। अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. शिव रंजन चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। व्याख्यान में डॉ त्रिपदा भारती, डॉ सौम्य सरकार, डॉ रवि भूषण सिंह सहित अन्य ने भी अपने विचार रखे। मौके पर प्रो. राजीव झा, प्रो. जयकांत सिंह, प्रो. विजय कुमार, डॉ अर्धेंदु, डॉ वेद प्रकाश दुबे, डॉ राजेश्वर कुमार, डॉ राजेश अनुपम, डॉ प्रदीप कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

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