Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 2 May : गुजरात साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित भारतीय भाषा संगम-2 में एल.एस. कॉलेज मुजफ्फरपुर के Prof. Rajeshwar Kumar की पुस्तक “सौंदर्य और सौंदर्यबोध” का लोकार्पण पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया। कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपरा और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की प्रासंगिकता पर चर्चा हुई।

Prof. Rajeshwar Kumar की पुस्तक “सौंदर्य और सौंदर्यबोध” का हुआ लोकार्पण

गुजरात साहित्य अकादमी, गांधी नगर द्वारा आयोजित भारतीय भाषा संगम -02 का आयोजन स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर एकता नगर,केवड़िया गुजरात में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर एल. एस कॉलेज, मुजफ्फरपुर के हिन्दी विभाग के प्रोफेसर सह भारतीय भाषा मंच के राष्ट्रीय संयोजक Prof. Rajeshwar Kumar की पुस्तक “सौंदर्य और सौंदर्यबोध”का लोकार्पण भी प्रो.रमेश पोखरियाल निशंक जी के हाथों से सम्पन्न हुआ। भारतीय भाषा संगम- 2.0 के समापन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि भारत सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल “निशंक” ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विश्व में विशिष्ट स्थान रखता है।

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Prof. Rajeshwar Kumar की पुस्तक “सौंदर्य और सौंदर्यबोध” का हुआ लोकार्पण
Prof. Rajeshwar Kumar की पुस्तक “सौंदर्य और सौंदर्यबोध” का हुआ लोकार्पण

भारत की जीवन-दृष्टि केवल भौतिक उन्नति तक सीमित नहीं रही, बल्कि समग्र मानवता के कल्याण को केंद्र में रखकर विकसित हुई। “वसुधैव कुटुम्बकम्” जैसे आदर्श भारत की इसी व्यापक और उदार सोच का परिचायक हैं। यह विचार मानवता को सीमाओं, जाति, धर्म और भाषा के भेद से ऊपर उठकर एकता और सह-अस्तित्व का संदेश देता है।

आज के वैश्विक युग में जब दुनिया अनेक चुनौतियों—जैसे युद्ध, पर्यावरण संकट, और सांस्कृतिक संघर्ष का सामना कर रही है, तब “वसुधैव कुटुम्बकम्” का सिद्धांत अत्यंत प्रासंगिक हो गया है। यह विचार वैश्विक सहयोग, शांति और सतत विकास के लिए मार्गदर्शन प्रदान करता है।

पुस्तक लोकार्पण के मौके पर डॉ राजेश्वर कुमार ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण भारतीय भाषाओं में निहित भारतीय ज्ञान परंपरा से ही संभव है।भारत को अपने विकास का प्रतिमान बनाना होगा और वह भारतीय ही होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने विभिन्न धर्मों, मतों और संस्कृतियों को सदैव स्वीकार किया। भारत में हिन्दू धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म जैसे अनेक मत विकसित हुए और परस्पर सह-अस्तित्व में रहे।



Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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