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विश्व मानवाधिकार दिवस पर मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने हेतु मानव-श्रृंखला का आयोजन

Service Regularization
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महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रेवती रमण ने यह संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को समाज में जीने का अधिकार ही मानवाधिकार है।भारत में मानवाधिकार से सम्बन्धित प्रमुख चुनौतियां, नस्लीय एवं जातीय भेदभाव, महिला एवं बाल-शोषण, दलित अत्याचार प्रमुख है।

Muzaffarpur 10 December : शनिवार दिनांक 10.12.2022 को डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय मुजफ्फरपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर लोगों को अपने मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करने हेतु मानव-श्रृंखला का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सामने दीवान रोड पर आयोजित मानव-श्रृंखला में महाविद्यालय के सभी शिक्षकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, एनएसएस के स्वयंसेवकों, एनसीसी के कैडेटों तथा छात्र एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए लगभग एक किलोमीटर का मानव श्रृंखला बनाकर जन-जागरूकता का संदेश दिए।


महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रेवती रमण ने यह संदेश देते हुए कहा कि मनुष्य को समाज में जीने का अधिकार ही मानवाधिकार है।भारत में मानवाधिकार से सम्बन्धित प्रमुख चुनौतियां, नस्लीय एवं जातीय भेदभाव, महिला एवं बाल-शोषण, दलित अत्याचार प्रमुख है।

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डॉ. हरिश्चन्द्र प्रसाद यादव ने बताया कि मानवाधिकार मनुष्य के मूलभूत सार्वभौमिक अधिकार है। मानवाधिकारों से वंचित एवं शोषित व्यक्ति राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास गुहार लगाकर न्याय पा सकते है। इसके लिए जागरूकता जरूरी है।
कार्यक्रम का आयोजन एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी मुकेश कुमार सरदार के द्वारा आयोजित हुआ।

इस कार्यक्रम में डॉ. रफीउल्लाह अंसारी, डॉ. ज्ञान प्रकाश, डॉ. ओ.पी. अंगिरा, डॉ. एस. के.आर्या, डॉ. नूतन, डॉ. ए. के. बिट्टू, डॉ. टीके, डॉ. रश्मि रेखा, प्रतीक राज, अमीषा कुमारी, फातिमा फारहीन, विवेक शर्मा, विक्रम कुमार, अतुल, मोना, काजल, ऋषव, हर्ष, सुभम, अनीश, सोनी, पीयूष, मोनू, गोपाल सहित सैकड़ों छात्र एवं छात्राएं ने हिस्सा लिए।

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