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LS College बाबा साहब आप्टे की जयंती पर व्याख्यान का आयोजन

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Muzaffarpur 28 August : LS College के पीजी इतिहास विभाग और इतिहास संकलन समिति के संयुक्त तत्वावधान में प्रसिद्ध विचारक, राष्ट्रीयता के पथ प्रदर्शक और इतिहासकार श्री उमाकांत केशव आप्टे, बाबा साहब आप्टे की जयंती पर ‘बाबा साहब आप्टे: व्यक्तित्व एवं कृतित्व’ विषयक बौद्धिक व्याख्यान का आयोजन किया गया.

LS College बाबा साहब आप्टे जयंती

LS College बाबा साहब आप्टे की जयंती पर व्याख्यान का आयोजन
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कॉलेज सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो दिनेश चन्द्र राय ने की तथा मुख्य वक्ता पूर्व पीजी इतिहास विभागाध्यक्ष सह डीन प्रो अजीत कुमार रहे. कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा बाबा साहेब आप्टे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया. अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय ने अपने संबोधन में बाबा साहेब आप्टे के सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तनों के प्रयासों का उल्लेख किया जिन्होंने राष्ट्र को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आप्टे भारतीय संस्कृति के महान मनीषी, आदर्शो और सांस्कृतिक विशिष्टता के जीवन्त प्रतीक तथा महान विचारक और मौलिक चिंतक के रूप में सदैव प्रेरणास्त्रोत रहेंगे.

LS College बाबा साहब आप्टे की जयंती पर व्याख्यान का आयोजन
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मुख्य अतिथि प्रो अजीत कुमार में अपने संबोधन में कहा कि विभिन्न इतिहासकारों द्वारा विभिन्न कारणों से ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है जिसमें तथ्यों तथा दृष्टिकोणों की अनदेखी की गई. उन्होंने कहा कि ऐसे इतिहास लेखन हमारे अतीत की बिबिधताओ और बहुआयामी प्रकृति को सटीक रूप से प्रतिबिंबित नहीं करते हैं. उन्होंने विविध दृष्टिकोणों को समायोजित करने वाला अधिक संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करने के लिए ऐतिहासिक तथ्यों की समीक्षा और पुनर्मूल्यांकन के महत्व पर जोर दिया. प्राचार्य प्रो राय ने सभी छात्रों को लिखने की आदत डालने की अपील करते हुए कहा कि लिखने की आदत से छात्रों को ना केवल पढ़ने-लिखने में आसानी रहती है साथ ही उन्हें अपने मनोविचार को समझने का भी मौका मिलता हैं.

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अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय ने कहा कि बाबा साहब आप्टे को का जीवन समर्पण, सेवा और अटूट मूल्यों का प्रमाण था. समाज के उत्थान के प्रति प्रतिबद्धता. एक महान विद्वान के रूप में, उन्होंने शैक्षिक उत्कृष्टता के लिए प्रयास किया और अनगिनत व्यक्तियों को व्यक्तिगत और राष्ट्रीय विकास की दिशा में ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया. युवाओं में एकता और सेवा की भावना को बढ़ावा देने में उनके अथक प्रयासों ने हमारे देश के भविष्य की नींव रखी.

कुलपति प्रो राय ने ऐतिहासिक जानकारियों को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए समर्पित संगठन, इतिहास संकलन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे खुद भी इस संस्था के लाइफ मेंबर है.कुलपति ने कहा कि 2014 के बाद से, इतिहास संकलन समिति ने ऐतिहासिक अकादमिक धरोहरों को सहेजने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है. उन्होंने कहा कि वर्तमान केन्द्र सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास कर रही है तथा उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सरकार कड़ी मेहनत और रणनीतिक योजना से 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने की संकल्पना को साकार कर लेगी.

बौद्धिक कार्यक्रम में विषय प्रवेश कराते हुए इतिहास विभाग की अध्यक्षा प्रो पुष्पा कुमारी ने बाबा साहेब आप्टे की भारत छोड़ो आंदोलन में योगदान की चर्चा की. कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभाग के डॉ राजीव कुमार ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ संतोष अनल ने किया.

कार्यक्रम में भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो जयकांत सिंह तथा बीएमसी समन्वयक डॉ राजेश्वर कुमार ने भी अपने विचार रखे. मौके पर प्रो राजीव झा, प्रो पंकज कुमार, प्रो राजीव कुमार, प्रो फैयाज अहमद, डॉ दिलीप कुमार यादव, डॉ मनीष झा, डॉ अनामिका आनंद, डॉ धीरेंद्र कुमार, डॉ नवीन कुमार, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ इम्तियाज, सुजीत कुमार, ऋषि कुमार आदि मौजूद रहे।

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