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LS College के हिंदी विभाग और भारतीय भाषा मंच, उत्तर बिहार के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस पर व्याख्यान

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Muzaffarpur 14 September : LS College के हिंदी विभाग और भारतीय भाषा मंच, उत्तर बिहार के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस पर व्याख्यान का आयोजन किया गया.

LS College में हिंदी दिवस पर व्याख्यान

कॉलेज सभागार में ” हिन्दी की वर्तमान स्थिति और सम्भावनाएँ” विषय पर आयोजित व्याख्यान की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय ने की तथा मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता सहायक पुलिस अधीक्षक, आईपीएस श्री भानु प्रताप सिंह रहे. कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई. प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय ने अपने संबोधन में कहां हिंदी, भारत की एकता और विविधता का प्रतीक है. यह भाषा देशभक्ति, संस्कृति, और समृद्धि का प्रतीक है.

LS College में हिंदी दिवस पर व्याख्यान
LS College में हिंदी दिवस पर व्याख्यान

हिंदी दिवस के अवसर पर, हम सभी को अपनी मातृभाषा के प्रति समर्पित रहने के लिए संकल्पित होना चाहिए. प्रो राय ने कहा कि मुजफ्फरपुर हिंदी के श्रेष्ठ रचनाकारो राष्ट्रकवि दिनकर, जानकी बल्लभ शास्त्री और बेनीपुरी जी की कर्मभूमि रही है. प्राचार्य प्रो राय ने दिनकर की कविताओं का सस्वर पाठ कर छात्रों में जोश भरते हुए उनसे हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया.

LS College में हिंदी दिवस पर व्याख्यान
LS College के हिंदी विभाग और भारतीय भाषा मंच, उत्तर बिहार के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस पर व्याख्यान

मुख्य वक्ता एएसपी श्री भानु प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भाषाई विविधता के बीच एकता का सूत्र हिंदी ही है, जो भारत की सबसे प्रमुख भाषाओं में शामिल है. भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में हिंदी भाषा तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है. हिंदी शब्दों की समृद्धता के कारण यह न सिर्फ भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. प्राचीन काल से लेकर आधुनिक समय तक हिंदी साहित्य ने समाज को दिशा दी है.

LS College में हिंदी दिवस पर व्याख्यान

तुलसीदास, माखन लाल चतुर्वेदी, प्रेमचंद, महादेवी वर्मा और अन्य लेखकों और कवियों ने हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के साथ ही समाज का पथ प्रदर्शन भी किया है. इससे पहले विषय प्रवेश कराते हुए डॉ राजेश्वर कुमार ने कहा कि हिंदी भले ही अतीत में संक्रमण काल से गुजरी है, लेकिन समय के साथ हिंदी की स्वीकार्यता बढ़ती जा रही है. उन्होंने कहा कि जो भाषा 150 देशों में किसी न किसी स्तर पर पढ़ाई जा रही हो, वह भाषा निश्चित रूप से समृद्ध स्वीकार्य और अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बन गई है. उन्होंने सभी से हस्ताक्षर और फार्म आदि भरने में हिंदी के प्रयोग करने को प्रेरित किया.

कार्यक्रम का संचालन डॉ राधा कुमारी तथा धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो राजीव झा ने किया. सभागार के कार्यक्रम से पहले प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय और एएसपी श्री भानु प्रताप सिंह ने इस मौके पर वृक्षारोपण भी किया. मौके पर इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो पुष्पा कुमारी, दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ विजय कुमार, डॉ शिवेंद्र कुमार मौर्य, डॉ विजय कुमार, डॉ राजीव कुमार, डॉ दिलीप यादव, डॉ संतोष अनल, डॉ अनामिका आनंद, डॉ दीपिका कुमारी, डॉ नवीन कुमार, डॉ धीरेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

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