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Bihar University अतिथिगृह में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांतीय बैठक सम्पन्न, राष्ट्र निर्माण एवं हिंदी पखवाड़ा पर हुआ विचार-विमर्श”

Bihar University शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांतीय बैठक Bihar University शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांतीय बैठक
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Muzaffarpur 31 August : B.R.A. Bihar University के अतिथिगृह में रविवार को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांतीय बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में केरल में हुई ज्ञान सभा की मुख्य बातें और आगे की योजनाओं पर विचार विमर्श हुआ। बैठक में हिंदी पखवाड़ा 14 सितंबर से 28 सितंबर तक मानने का निर्णय लिया गया।

Bihar University शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांतीय बैठक

बैठक में मुख्य रूप से शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ राजेश्वर कुमार, पटना विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सह भारतीय भाषा मंच के क्षेत्र संयोजक प्रो नागेंद्र शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य डॉ अनीश कुमार और न्यास के प्रांत संयोजक गौरव पवार का सानिध्य मिला। बैठक में संकल्प पत्र का भी लोकार्पण किया गया। मंच का संचालन सहायक आचार्य डॉ अमर बहादुर शुक्ल ने किया।

Bihar University शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांतीय बैठक

बैठक में राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ राजेश्वर कुमार ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में न्यास अनवरत अपने कार्यों का निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम सुपर पावर बनने की बात नहीं करते बल्कि हमें भारत को विश्व गुरु बनाना है। यहां पर जो भारतीय ज्ञान की आधारशिला रखी जाएगी, उस से पूरा विश्व आलोकित हो, यही हमारा ध्येय है। इसके लिए भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनर्स्थापना करना होगा। हमें शिक्षा के माध्यम से भारत को परम वैभव तक पहुंचाना है।

Bihar University शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की प्रांतीय बैठक

प्रोफेसर नागेंद्र जी ने हस्ताक्षर अभियान,लेखन प्रतियोगिता एवं काव्य पाठ प्रतियोगिता पर कार्य करने की बातें कही और इस पर एकजुट होकर कार्य करने को कहा।इसके अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता अभियान पर भी जोर दिया गया। संयोजक गौरव पवार ने केरल चिंतन शिविर की चर्चा की ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य डॉ अनीश ने कहा कि स्वयं सेवक प्रतिज्ञा के आधार पर कार्य करते है।

उन्होंने विश्वामित्र, राजा दशरथ, राम, गौतम ऋषि, माता अहिल्या की पौराणिक कथाओं से भी सभी का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण में संस्कारों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में पांच परिवर्तन और सात कर्तव्य पूरा करना संघ का ध्येय है। उन्होंने सभी लोगों से संघ शताब्दी वर्ष में योगदान देने का आग्रह किया।

इस अवसर पर डॉ भगवान कुमार, डॉ अशोक साह, डॉ सुमन कुमार झा, डॉ श्याम शंकर पांडेय समेत करीब पांच दर्जन कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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