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RDS College में भारतीय काव्यशास्त्र पर संगोष्ठी, विद्वानों ने रखे विचार

September 12, 2025 | by Goltoo

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Muzaffarpur 12 September : RDS College, मुजफ्फरपुर के अंग्रेजी विभाग में भारतीय काव्यशास्त्र पर सेमिनार आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. झा समेत कई विद्वानों ने कविता की सुंदरता, शिल्प, आलोचना और सांस्कृतिक महत्व पर विचार साझा किए।

RDS College में भारतीय काव्यशास्त्र पर संगोष्ठी

RDS College में भारतीय काव्यशास्त्र पर संगोष्ठी

रामदयालु सिंह महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के तत्वावधान में भारतीय काव्यशास्त्र पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

RDS College में भारतीय काव्यशास्त्र पर संगोष्ठी

मुख्य वक्ता प्रो. के.के. झा ने अपने व्याख्यान में कहा कि भारतीय काव्यशास्त्र में कविता की सुंदरता और शिल्प का प्रमुख स्थान है। उन्होंने बताया कि रस, ध्वनि, अलंकार, रीति और गुण जैसे तत्व कविता को विशिष्ट बनाते हैं। कविता कवि को न केवल प्रसिद्धि दिलाती है, बल्कि उसे आनंद और आत्मसंतोष भी प्रदान करती है।

RDS College में भारतीय काव्यशास्त्र पर संगोष्ठी

पूर्व प्राचार्य डॉ. अनिता सिंह ने कहा कि कविता जीवन के मूल्यों को स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। वहीं, डॉ. नीलिमा झा ने इंगित किया कि अंग्रेजी काव्यशास्त्र आलोचनात्मक सोच, भाषाई विश्लेषण और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करता है।

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प्राचार्य डॉ. शशि भूषण कुमार ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि अंग्रेजी काव्यशास्त्र सांस्कृतिक जागरूकता, सहानुभूति और वैश्विक समझ को विकसित करता है। साहित्य समाज, सत्ता और मानवता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उठाने में भी सहायक होता है।

RDS College
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कार्यक्रम में अन्य विभागों के शोक्षक भी मौजूद रहे तथा अंग्रेजी विभाग के सैकड़ों छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।

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