Muzaffarpur News
Advertisements

Muzaffarpur 11 May : RDS College के उर्दू विभाग एवं IQAC द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में कुलपति डॉ. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि सआदत हसन मंटो उर्दू साहित्य के सबसे प्रभावशाली, निर्भीक और संवेदनशील कहानीकार थे। सेमिनार में मंटो के साहित्य, मनोविज्ञान और सामाजिक यथार्थ पर विस्तृत चर्चा हुई।

RDS College में मंटो पर राष्ट्रीय सेमिनार

RDS College के स्नातकोत्तर उर्दू विभाग एवं आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में “मंटो के किरदारों की नफसीयात गिरह कुशिइयां” विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में अध्यक्षीय उद्बोधन करते हुए कुलपति डॉ दिनेश चंद्र राय ने कहा कि मंटो उर्दू साहित्य के सबसे प्रभावशाली, निर्भीक और संवेदनशील कहानीकार माने जाते हैं।

उन्होंने इंसानी जज्बातों और समाज की सच्चाइयों को बिना लाग लपेट के अपनी कहानियों में प्रस्तुत किया। मंटो को “उर्दू साहित्य का चेखव” कहा जाता है। मंटो सामान्य लोगों के पात्रों में छिपे मनोविज्ञान, संघर्ष, यथार्थवाद और करुणा को चित्रित करते थे। निश्चित रूप से मंटो के साहित्य को वर्तमान में पढ़ने की जरूरत है।
उन्होंने सेमिनार की सफलता के लिए कॉलेज के प्राचार्य, आयोजन सचिव एवं समिति के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे सेमिनार के आयोजन से शोध एवं नवाचार को गति मिलती है।

Advertisements
RDS College
RDS College में मंटो पर राष्ट्रीय सेमिनार, कुलपति बोले- मंटो ने समाज की सच्चाइयों को बेबाकी से किया उजागर

मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ अबुजर कमालुद्दीन ने कहा कि मंटो अपने साहित्य में केवल घटनाओं का वर्णन नहीं करते हैं बल्कि उन घटनाओं के पीछे छिपी मानसिक प्रक्रियाओं को चित्रित करते हैं। मंटो के किरदार को गहराई से समझने के लिए टोबा टेक सिंह, ठंडा गोश्त, खोल दो और मम्मो कहानियों को पढ़ने और विश्लेषण करने की जरूरत है। मंटो की पुस्तक “मंटो के बेहतरीन अफसाने” में उन पात्रों का विश्लेषण है जो कट्टरता के खिलाफ लड़ते हैं। मंटो के पात्र आमतौर पर समाज के दबे कुचले और हाशिए पर पड़े लोग होते हैं।

विशिष्ट वक्ता प्राचार्य डॉ ममता रानी ने कहा कि मंटों ने अपनी कहानियों में समाज के तथाकथित सभ्य मुखौटे को उतारकर उसके भीतर छिपी गंदगी, हवस और हिंसा को सामने रखा। वे मानते थे कि साहित्य का काम समाज को आईना दिखाना है न कि उसे सांत्वना देना।

प्राचार्य डॉ शशि भूषण कुमार ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कालेज के विकास का रोड मैप प्रस्तुत किया और कहा कि कॉलेज अपने एकेडमिक गतिविधि को लगातार ऊंचाई दे रहा है।
सेमिनार में बीज वक्तव्य दिल्ली विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो अबू बकर अब्बाद ने ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत किया।

पुस्तक लोकार्पण: आरडीएस कॉलेज की अंग्रेजी की सहायक प्राध्यापक डॉ आरती कुमारी द्वारा लिखित ग़ज़ल संग्रह “मुंतज़िर है दिल” का लोकार्पण कुलपति एवं आगत अतिथियों द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, कुलगीत एवं राष्ट्रगान की प्रस्तुति से हुआ।

सेमिनार के शैक्षणिक सत्र को प्रो सफदर इमाम कादरी, प्रो कामरान घानी सबा, डॉ सैयद अब्बास नकवी, प्रो मुश्ताक अहमद, डॉ मो. अमानुल्लाह, डॉ मोबाशशेरा, डॉ अजय मालवीय ने संबोधित किया और शोध पत्र प्रस्तुत किये।
सेमिनार में मंच संचालन उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ हसन रजा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ नीरज कुमार मिश्रा ने किया।
मौके पर कॉलेज के सभी शिक्षक, छात्र एवं शोधार्थी मौजूद रहे।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

Comments are closed.