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Muzaffarpur 16 May : बिहार के उच्च शिक्षा संस्थानों में जल्द ही छात्रों को Physical Education के नए पेशेवर पाठ्यक्रमों का विकल्प मिलने वाला है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने राज्य के सभी डिग्री कॉलेजों को Master of Physical Education (M.P.Ed), Bachelor of Physical Education (B.P.Ed), Diploma in Physical Education और Diploma in Art Education जैसे कोर्स शुरू करने के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया है। यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू किए जाने की तैयारी में है।

बिहार के डिग्री कॉलेजों में शुरू होंगे Physical Education के प्रोफेशनल कोर्स

बिहार के उच्च शिक्षा संस्थानों में जल्द ही छात्रों को Physical Education के नए पेशेवर पाठ्यक्रमों का विकल्प मिलने वाला है। निर्देश के अनुसार, इच्छुक कॉलेज 31 मई तक आवेदन कर सकते हैं। NCTE ने कॉलेजों को एक साल का समय दिया है ताकि वे आवश्यक तैयारी पूरी कर सकें। इसमें योग्य शिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत संरचना विकसित करना और संसाधनों की व्यवस्था शामिल होगी।

बिहार के डिग्री कॉलेजों में शुरू होंगे Physical Education के प्रोफेशनल कोर्स
बिहार के डिग्री कॉलेजों में शुरू होंगे Physical Education के प्रोफेशनल कोर्स

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन Physical Education के शुरू होने से छात्रों के लिए करियर के नए अवसर खुलेंगे। फिलहाल राज्य में शारीरिक शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रमों के विकल्प सीमित हैं। ऐसे में नए कॉलेजों में इनकी शुरुआत होने से छात्रों को अपने क्षेत्र के आसपास ही पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा।

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बीआरए बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) क्षेत्र के छात्रों को भी इसका बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय से जुड़े डिग्री कॉलेजों में प्रोफेशनल कोर्स शुरू होने पर रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

इस संबंध में डीएसडब्ल्यू डॉ. मौसम चौधरी ने कहा कि कॉलेजों में ऐसे व्यावसायिक और प्रोफेशनल कोर्स शुरू होने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उच्च शिक्षा का दायरा विस्तृत होगा।

छह कॉलेजों में शुरू होगा इंटीग्रेटेड B.Ed कार्यक्रम

इधर, बिहार के छह कॉलेजों में ITEP (Integrated Teacher Education Programme) के तहत इंटीग्रेटेड B.Ed पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इनमें शामिल संस्थानों में वैद्यनाथ शुक्ला B.Ed कॉलेज, वैशाली; CM Science College, दरभंगा; MS College, पटना; दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय; महाबोधि महाविद्यालय, नालंदा और माता मजदा B.Ed कॉलेज, भोजपुर शामिल हैं।

इन कोर्सों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अप्रैल में परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। ITEP के तहत पढ़ाई को लेकर भी सख्त मानक तय किए गए हैं।

  • एक सेमेस्टर में 125 दिन पढ़ाई अनिवार्य होगी
  • सप्ताह में कम से कम 40 घंटे कक्षाएं संचालित करनी होंगी
  • छात्रों के लिए 80 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी
  • प्रैक्टिकल और इंटर्नशिप में 90 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी होगी
  • 50 छात्रों पर एक शिक्षक की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी

विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से बिहार में शिक्षक शिक्षा और खेल शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ेगी तथा छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने में मदद मिलेगी।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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