Chanpatia 30 September : Chanpatia Degree College में हिंदी पखवाड़े पर साहित्यिक प्रतियोगिताएं हुईं। विद्यार्थियों ने निबंध, काव्य-पाठ और भाषण में प्रतिभा दिखाई।
Chanpatia Degree College में हिंदी पखवाड़ा, निबंध-काव्य पाठ व भाषण प्रतियोगिताओं में दिखी विद्यार्थियों की प्रतिभा
Chanpatia Degree College के प्रांगण में हिंदी पखवाड़ा के उपलक्ष्य में विविध साहित्यिक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान आयोजित निबंध, काव्य-पाठ और भाषण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी वैचारिक परिपक्वता और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन का मूल ध्येय युवा पीढ़ी में मातृभाषा के प्रति अनुराग जगाने के साथ-साथ उनके अभिव्यक्ति-कौशल और आत्मविश्वास को एक नया मंच देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार सुमन ने 14 सितंबर के ऐतिहासिक संदर्भों और हिंदी के संवैधानिक गौरव को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सोपान हैं। हिंदी की वैज्ञानिकता और उसकी वैश्विक स्वीकार्यता पर बल देते हुए उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि इन मंचों से अर्जित प्रमाण-पत्र भविष्य में उनके करियर और साक्षात्कार के सफर में मील का पत्थर साबित होंगे।

उन्होंने बड़े तार्किक ढंग से बात रखते हुए कहा कि आज हिंदी सिर्फ भावों या साहित्य की भाषा नहीं है, बल्कि अंग्रेजी के वर्चस्व के बीच यह आधुनिक तकनीक, वैश्विक संचार और रोजगार की एक सशक्त विधा बनकर उभरी है। उन्होंने युवाओं से तकनीक के दौर में हिंदी के प्रति एक प्रगतिशील और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
इसी क्रम में हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. जितेश्वर कुमार पांडेय ने भवानी प्रसाद मिश्र की सुप्रसिद्ध कविता ‘सतपुड़ा के घने जंगल’ का अत्यंत भावपूर्ण पाठ किया। उन्होंने यह भ्रांति तोड़ी कि हिंदी में रोजगार नहीं है; उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल मीडिया के आने से हिंदी भाषियों के लिए संभावनाओं के द्वार और चौड़े हो गए हैं।
RDS College में ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूरे होने पर संगोष्ठी, कविता के बदलावकारी प्रभाव और सामाजिक चेतना पर हुई चर्चा #rashmirathi #Muzaffarpur @brabu_ac_in https://t.co/Fo7dh3eoEx pic.twitter.com/lsfd6vMWRJ
— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) September 30, 2026
प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं की सहभागिता देखते ही बनती थी, जिनके निष्पक्ष मूल्यांकन के लिए महाविद्यालय द्वारा अलग-अलग विभागों से निर्णायक मंडल गठित किए गए थे। निबंध प्रतियोगिता में डॉ. जितेश्वर कुमार पांडेय, डॉ. कौशल्या कुमारी एवं प्राध्यापक सौरभ कुमार ने, काव्य-पाठ प्रतियोगिता प्राध्यापक डॉ. प्रेरणा राय,वर्षा कुमारी और नंदिनी गिरी ने तथा भाषण प्रतियोगिता में सुनीश कुमार, डॉ. अब्दुल मुईद एवं डॉ. रूबी कुमारी ने निर्णायक की महती भूमिका निभाई। निर्णायकों द्वारा प्रतिभागियों की विषय-वस्तु, अभिव्यक्ति, भाषा-शैली, प्रस्तुति एवं मौलिकता के आधार पर तटस्थ मूल्यांकन किया गया।

निबंध प्रतियोगिता में रागिनी, धामू, बादल, कुंदन, सुशांत, राजकिशोर व प्रिया कुमारी विद्यार्थियों की कोशिश सराहनीय थी। काव्य-पाठ में सकीला, निशु कुमारी, पूजा कुमारी, सुहानी खातून, धामू गोंड व रागिनी तथा भाषण प्रतियोगिता में सकीला, राजकिशोर व सुशांत का प्रदर्शन बेहद उल्लेखनीय और सराहनीय रहा।
हिंदी विभाग के कुशल संयोजन में आयोजित इस सारस्वत उत्सव के अंत में हिंदी विभाग की प्राध्यापक सुश्री नंदिनी गिरी ने आदरणीय प्राचार्य ,प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। केदारनाथ सिंह की कविता ‘मेरी भाषा के लोग ’ के सुस्वर वाचन से कार्यक्रम का समापन हुआ।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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