Muzaffarpur News
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Muzaffarpur 27 January : Asian Waterbird Census 2026 के तहत मुजफ्फरपुर में बर्ड काउंट के तीसरे दिन साहेबगंज रेंज के नरसन चौर और नेकनामपुर चौर का वैज्ञानिक सर्वे किया गया। विशेषज्ञों ने जलस्तर में कमी, प्रवासी पक्षियों की घटती संख्या और क्लाइमेट चेंज के प्रभाव पर चिंता जताते हुए जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।

Asian Waterbird Census मुजफ्फरपुर में बर्ड काउंट

Asian Waterbird Census 2026 के तहत मुजफ्फरपुर में हो रहे बर्ड काउंट के तीसरे दिन बर्ड सेंसस टीम ने साहेबगंज रेंज के नरसन चोर और नेकनामपुर चौड़ का विजिट हुआ।

Asian Waterbird Census 2026 : मुजफ्फरपुर में बर्ड काउंट के तीसरे दिन नरसन चौर व नेकनामपुर चौर का किया गया सर्वे
Asian Waterbird Census 2026 : मुजफ्फरपुर में बर्ड काउंट के तीसरे दिन नरसन चौर व नेकनामपुर चौर का किया गया सर्वे

यह सेन्सस का कार्य बर्ड एक्सपर्ट एवं ए डब्लू सी सेंसस कॉर्डिनेटर एस एन एस कॉलेज, हाजीपुर के जन्तु विज्ञान के विभागाध्यक्ष एवं उनके टीम में बार्डर के रूप मे रामेश्वर महाविद्यालय के जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष डाक्टर धीरज कुमार, आर डी एस कॉलेज के जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आशुतोष मिश्रा ,एम डी डी एम कॉलेज के जन्तु विज्ञान विभाग की पल्लवी कुमारी, रचना कुमारी, बिहार विश्वविद्यालय की पक्षी शोध छात्रा अनुपमा जायसवाल, बी एन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा की जन्तु विज्ञान शोध छात्रा अनु कुमारी एवं आर एन कॉलेज के जन्तु विज्ञान के छात्र कुमार अनंत शामिल रहे है तथा इस कार्य क्रम में तिरहुत वन प्रमंडल के डीएफओ नरेंद्र पाल सिंह, साहेबगंज रेंज के रेंज ऑफिसर शियाराम शरण सिंह, फॉरेस्टर नवरत्न कुमार झा, वन रक्षी शुभी कुमारी, शिखा कुमारी, संतोष कुमार रहे है। एशियन बर्ड सेन्सस का आयोजन बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन द्वारा तिरहुत वन प्रमंडल से आयोजित की गई ।

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Asian Waterbird Census 2026 के तहत मुजफ्फरपुर में बर्ड काउंट के तीसरे दिन साहेबगंज रेंज के नरसन चौर और नेकनामपुर चौर का वैज्ञानिक सर्वे किया गया।
Asian Waterbird Census 2026 के तहत मुजफ्फरपुर में बर्ड काउंट के तीसरे दिन साहेबगंज रेंज के नरसन चौर और नेकनामपुर चौर का वैज्ञानिक सर्वे किया गया।

डॉ सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार नरसन चौर में पानी न के बराबर है यह चौड़ कभी पानी से भरा होता था लेकिन आज इस चौड़ में पानी आने का रास्ता ही चीवनी मालिकों द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया है। जहां पानी है वहां जलीय पक्षी दिखी है।

Asian Waterbird Census 2026 के तहत मुजफ्फरपुर में बर्ड काउंट के तीसरे दिन साहेबगंज रेंज के नरसन चौर और नेकनामपुर चौर का वैज्ञानिक सर्वे किया गया।
Asian Waterbird Census 2026 के तहत मुजफ्फरपुर में बर्ड काउंट के तीसरे दिन साहेबगंज रेंज के नरसन चौर और नेकनामपुर चौर का वैज्ञानिक सर्वे किया गया।

जबकि निकनामपुर चौर में पानी होने के साथ ही पक्षी की संख्या दिखी है, रेंज ऑफिस से प्राप्त जानकारी में कुछ और भी वाटरबॉडीज इस क्षेत्र में है जहां पानी भी है और पक्षी भी है जिसे काउंट करने की जरूरत है।मिले पक्षी का रिपोर्ट प्रमंडल एवं राज्य को भेज दिया जाएगा।

डॉ सत्येन्द्र ने यह भी बताया कि जिला में पानी की कमी से प्रवासी पक्षी का आना कम हो गया है फिर भीओपन बिल स्ट्रोक की काफी संख्या लगभग हजारों की संख्या में होगी, कार्मोरेंट, पौंड हेरोन, ड्रैगो, एग्रेट आदि भी देखने को मिला है।
पक्षी की कमी, पानी का कम होना कही न कही क्लाइमेट चेंज का असर को भी दर्शाता है।

डॉ धीरज और डॉ आशुतोष ने कहा कि मुजफ्फरपुर के इर्द गिर्द जो भी वाटर बॉडीज है उन्हें पानी से भरा होना चाहिए़, यह तभी संभव होगा जब सरकार सहित समाज के लोग इसकी जिम्मेदारी लेंगे।

Goltoo

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।

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