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शैक्षिक भ्रमण ज्ञान का महत्वपूर्ण स्रोत है : प्राचार्य

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Muzaffarpur 30 January : भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के B.Ed प्रथम वर्ष सत्र 22-24 के विद्यार्थी शैक्षिक भ्रमण के लिए वैशाली गए । महाविद्यालय से बस में सभी विद्यार्थी रवाना हुए ,वहाँ उन्होंने विश्व शांति स्तूप का दर्शन किया- वहां पर एक बौद्ध भिक्षु ने विश्व शांति स्तूप की पूरी कहानी सुनाई। उसके बाद बुद्धास रैली के स्तूप के दर्शन सभी विद्यार्थियों ने किया और वहाँ भी एक व्यक्ति ने उसके बारे सबों को बताया ।

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सब उनको वैशाली संग्रहालय भी ले जाया गया वहां पर बहुत सारी मुद्राएं, बहुत सारी कलाकृति उस समय के औजार उस समय के बर्तन को सब ने देखा । उसके बाद चौमुखी महादेव मंदिर में त्रिनेत्र शिव भगवान, सूर्य भगवान, ब्रम्हा जी, विष्णु भगवान को एक शिवलिंग में देखा और मंदिर के पुजारी ने इसके लिए तरह तरह की कहानियों को बताया। उन्होंने बताया कि राम जी, लक्ष्मण जी अपने गुरु विश्वामित्र के साथ जनकपुर जब जा रहे थे तब उन्होंने यहां पूजा किया था ; उन्होंने बताया कि यह भी कहा जाता है कि द्वापर युग में वनासूर ने इसकी स्थापना करवाई थी । सरकार ने 2013 में इस मंदिर को चौमुखी महादेव मंदिर के नाम से इसकी मरम्मत करवाई है ।


अंत में जैन मंदिर में सभी लोगों ने दर्शन किया और जैन धर्म की कैसे-कैसे स्थापना हुई और यहां कैसे-कैसे मंदिर बनाया गया। इसके बारे में भी वहां के पुजारी ने बताया । महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने शैक्षिक भ्रमण को अपने पढ़ाई का हिस्सा मानते हुए सबने तस्वीर ली। सबों ने कुछ नोट्स बनाया और उन्होंने कहा कि हम इस भ्रमण से बहुत कुछ सीखे हैं। भ्रमण भी हमारे पढ़ाई का एक हिस्सा है और हम आने वाले भविष्य में जब शिक्षक बन जाएंगे तो इसका भरपूर इस्तेमाल करेंगे और शिक्षा जगत में बेहतर करने की कोशिश करेंगे ।

इस शैक्षिक भ्रमण में प्रभारी प्राचार्य (सहायक प्राध्यापक)श्री राजेश कुमार वर्मा जी, सहायक प्राध्यापिका, मंजू कुमारी , अनामिका कुमारी , और पुस्तकालय अध्यक्ष प्रतिमा कुमारी , सहायक प्राध्यापक प्रत्यूष सत्यार्थ एवं सहायक प्राध्यापक और मीडिया प्रभारी सौरभ उपस्थित थे ।

#Muzaffarpur #educationaltour

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