Muzaffarpur 24 February : Muzaffarpur के प्रो. मनेंद्र कुमार द्वारा विकसित “Selective Insect Identification and Control System” उपयोगिता पेटेंट को भारत सरकार ने प्रकाशित किया। यह बुद्धिमान, गैर-रासायनिक कीट नियंत्रण तकनीक पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट कृषि प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Muzaffarpur के वैज्ञानिक प्रो. मनेंद्र कुमार
Muzaffarpur के प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. मनेंद्र कुमार द्वारा विकसित अभिनव कीट नियंत्रण प्रणाली “Selective Insect Identification and Control System” को भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया गया है। यह उपलब्धि कीट नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रगति मानी जा रही है।
यह प्रणाली एक बुद्धिमान कीट-पाश (इंटेलिजेंट इंसेक्ट ट्रैप) पर आधारित है, जो प्रजाति-विशेष पहचान (Species Differentiation) की उन्नत तकनीक का उपयोग करती है। इसका उद्देश्य हानिकारक एवं लाभकारी कीटों के बीच सटीक अंतर कर लक्षित, प्रभावी और गैर-रासायनिक नियंत्रण सुनिश्चित करना है। यह उपकरण कृषि क्षेत्रों, आवासीय परिसरों, गोदामों, ग्रीनहाउस और सार्वजनिक स्थलों पर उपयोग के लिए उपयुक्त है।

उपकरण की बाहरी संरचना मौसम-प्रतिरोधी आवरण से निर्मित है, जिसमें बहु-द्वार प्रवेश प्रणाली, वेंटिलेशन स्लॉट तथा ऑप्टिकल सेंसिंग हेतु पारदर्शी भाग शामिल हैं। कीटों को आकर्षित करने के लिए प्रकाश, नियंत्रित वायु प्रवाह एवं प्रजाति-विशिष्ट आकर्षकों का उपयोग किया गया है। रख-रखाव को सरल बनाने हेतु इसमें हटाने योग्य आधार भी उपलब्ध है।
आंतरिक रूप से यह प्रणाली उन्नत ऑप्टिकल सेंसिंग मॉड्यूल और एम्बेडेड प्रोसेसिंग यूनिट से सुसज्जित है, जो कीटों की आकारिकी, पंखों की गति, शरीर की संरचना एवं उड़ान व्यवहार के आधार पर उनकी पहचान करती है। संग्रहीत वर्गीकरण मॉडल के माध्यम से यह हानिकारक एवं लाभकारी कीटों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करती है।
पहचान के बाद यदि कीट हानिकारक पाया जाता है तो प्रणाली गैर-रासायनिक तरीके से उसका नियंत्रण, निष्क्रियकरण या संग्रह करती है। वहीं, लाभकारी या निरापद कीटों को सुरक्षित निकास मार्ग प्रदान किया जाता है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है।
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— RAJESH GOLTOO (@GOLTOO) February 23, 2026
इसके अतिरिक्त, यह उपकरण कीटों की संख्या, प्रजाति वितरण और गतिविधि आवृत्ति से संबंधित डेटा संग्रहीत कर वायरलेस माध्यम से उपयोगकर्ता इंटरफेस तक भेजने में सक्षम है। ऊर्जा आपूर्ति हेतु रिचार्जेबल बैटरी के साथ सौर ऊर्जा विकल्प भी प्रदान किया गया है, जिससे यह दीर्घकालिक एवं स्वायत्त संचालन में सक्षम बनता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रो. मनेंद्र कुमार का यह आविष्कार रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और डेटा-आधारित कीट प्रबंधन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
संक्षिप्त परिचय:
प्रो. मनेंद्र कुमार, B.R.A. Bihar University के प्रख्यात शिक्षाविद् एवं Senior Zoologist, B. R. A. Bihar University रहे हैं। वे विश्वविद्यालय के Zoology विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष, विज्ञान संकाय के पूर्व डीन तथा अकादमिक स्टाफ कॉलेज के पूर्व निदेशक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएँ दे चुके हैं। शिक्षा, शोध और शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

Goltoo Singh Rajesh – डिजिटल पत्रकार
गोल्टू सिंह राजेश पिछले पाँच वर्षों से डिजिटल माध्यम में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अपनी स्वयं की वेबसाइट पर समाचार प्रकाशित कर की। वर्तमान में वे डिजिटल पत्रकारिता के माध्यम से विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल-कूद से जुड़ी खबरों पर विशेष ध्यान देते हैं। मुज़फ़्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों से संबंधित स्थानीय समाचारों को वे नियमित रूप से अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते रहते हैं, तथा देश-विदेश की ब्रेकिंग और प्रमुख समाचारों को भी प्रकाशित करते हैं।