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Phanishwar Nath Renu और मदन वात्स्यायन जन्मजयंती

Shaheed Diwas
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Muzaffarpur 4 March : साहित्यिक मंच, मुजफ्फर के तत्वावधान में आज हिंदी के सुप्रसिद्ध कथाकार Phanishwar Nath Renu और तीसरा सप्तक के महत्वपूर्ण कवि मदन वात्स्यायन की जन्मजयंती पर एक गोष्ठी का आयोजन हुआ।

Phanishwar Nath Renu और मदन वात्स्यायन याद किए
Phanishwar Nath Renu और मदन वात्स्यायन याद किए गए

Phanishwar Nath Renu और मदन वात्स्यायन

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो सतीश राय ने रेणु की साहित्यिक यात्रा पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्हें विश्व नागरिक के रूप में व्याख्यायित किया। मदन वात्स्यायन के काव्य संग्रह शुक्रतारा की विशेष चर्चा की। डॉ. चितरंजन ने कहा की पाठकों को पुस्तकों की ओर लौटना होगा।मदन वात्स्यायन के साहित्य को लोगों के बीच पहुंचाने की बात कही। डॉ श्याम किशोर ने मैला आंचल उपन्यास, ठुमरी और संवादिया कहानी के माध्यम से रेणु के साहित्य के भीतर छिपे लोकतत्व को उजागर करते हुए समता प्रकाशन को याद किया।

प्रो रमेश गुप्ता ने पंचलाइट और संवदिया कहानी की चर्चा करते हुए रेणु प्रेमतत्व की ग्रामीण स्वीकृति को रेखांकित करते हुए परती परिकथा और मैला आंचल पर अपनी बात रखी। वक्ता के रूप में डॉ संतोष सारंग,संजय मयंक आदि ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संचालन संयोजिका डॉ. रिंकू कुमारी, स्वागत डॉ. रविरंजन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिवेन्द्र कुमार मौर्य ने किया।आज के इस कार्यक्रम में डॉ. नूतन कुमारी, डॉ. आशा सिंह यादव, डॉ. रामदुलार साहनी,आलोक कुमार,अविनाश चौधरी, हेमनारायण,अशोक गुप्त आदि उपस्थित रहे।