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लैंगिक हिंसा के विरूद्ध महिलाओं की रैली, हिंसा सिर्फ पारिवारिक स्तर पर नहीं, मानसिक एवं शारीरिक हिंसा भी हिंसा की श्रेणी में आता है- जिला पदाधिकारी

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घरेलू हिंसा, दुस्कर्म, ट्रैफिकिंग, गर्भ में भ्रूण हत्या, शिक्षा से वंचित रखना, बेटा पैदा करने हेतु अनुचित दबाव बनाना, आर्थिक रूप से संबल बनाने में सहयोग न करना, दहेज प्रथा इत्यादि सामाजिक कुरीतियाँ अभी भी समाज में प्रचलन में है-जिला पदाधिकारी

Muzaffarpur 9 December : लैंगिक हिंसा के विरूद्ध महिला विकास निगम, बिहार सरकार के तत्वाधान में पूरे सूबे में पखवाड़ा (25 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक) समारोह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर, डी.पी.ओ., आई.सी.डी.एस., सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्वी एवं पश्चिमी, डी.पी.एम., जीविका, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, डी.पी.एम. महिला विकास निगम, जिला समन्व्यक(छछड), जिला कार्यक्रम समन्वयक(च्डडटल्), जिला परियोजना सहायक, प्रखंड समन्वयक, परियोजना प्रबंधक(वन स्टाॅप सेन्टर), केस वर्कर(वन स्टाॅप सेन्टर), सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा 500 महिलाओं की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

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रैली में आई.सी.डी.एस. की आँगनबाड़ी सेविका, स्वास्थ्य विभाग, ए.एन.एम., आशा, शिक्षा विभाग- स्कूल की छात्राएं, जीविका दीदीयां शामिल हुई। यह रैली समाहरणालय सभागार के सदर अस्पताल होते हुए ईमली चट्टी से सरकारी बस स्टैण्ड होते हुए खुदीराम बोस स्टेडियम पहुँची, जहाँ जिला पदाधिकारी महोदय तथा उप विकास आयुक्त द्वारा शपथ ग्रहण कराकर समारोह का समापन किया गया। समाहरणालय परिसर में भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, सामाजिक भेदभाव संबंधित रंगोली बनाकर संदेश दिया गया। साथ हीं सेल्फी स्टैण्ड पर जिलाधिकारी ने फोटो भी खिंचवाया।

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समाहरणालय परिसर में भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, सामाजिक भेदभाव संबंधित रंगोली बनाकर संदेश दिया गया। साथ हीं सेल्फी स्टैण्ड पर जिलाधिकारी ने फोटो भी खिंचवाया।

जिला पदाधिकारी ने संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति हिंसा सिर्फ पारिवारिक स्तर पर नहीं, मानसिक एवं शारीरिक हिंसा भी हिंसा की श्रेणी में आता है। घरेलू हिंसा, दुस्कर्म, ट्रैफिकिंग, गर्भ में भ्रूण हत्या, शिक्षा से वंचित रखना, बेटा पैदा करने हेतु अनुचित दबाव बनाना, आर्थिक रूप से संबल बनाने में सहयोग न करना, दहेज प्रथा इत्यादि सामाजिक कुरीतियाँ अभी भी समाज में प्रचलन में है। अतः इनके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है। उप विकास आयुक्त ने खुदीराम बोस स्टेडियम में अपने संबोधन में बताया कि महिलाओं के साथ लिंग भेद आधारित हिंसा काफी चिंतनीय एवं संवेदनशील मुद्दा है।
डी.पी.ओ., आई.सी.डी.एस. श्रीमती चाँदनी सिंह ने कहा कि अब सहेंगे नहीं कहेंगे।

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जिला में वन स्टाॅप सेंटर कार्यरत है, जिनमें महिलाओं में हक एवं अधिकार को पूरी तरह से सुरक्षित करने हेतु जिला प्रशासन महिला विकास निगम के माध्यम से कार्यरत है। सभी पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता, चिकित्सीय सहायता, पुलिस सहायता प्रदान की जाती है। यदि किसी भी महिला पर उपरोक्त किसी भी श्रेणी का प्रताड़ना होती है तो पीड़ि महिलाएँ वन स्टाॅप सेंटर में टोल फ्री नंबर- 181 पर तथा मोबाईल नं0- 9771468021 पर शिकायत दर्ज कर सकती है। बच्चियों को ‘‘गुड टच एवं बैड टच’’ के बारे में भी शिक्षा देना अनिवार्य है। महिला विकास निगम की तरफ से जागरूकता फैलाने हेतु सभी प्रखंड मुख्यालय, जिला मुख्यालय, मुख्य चैराहे पर होडिंग भी लगाने की कार्रवई की जा रही है।

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स्कूली बच्चियों ने नारी शक्ति है, बेचारी नहीं, चुप नहीं रहना है, हिंसा नहीं सहना है इत्यादि नारे लगाते हुए लोगों को जागरूक किया। जीविका दीदियों ने ‘‘न लड़का उपर न लड़की कम है, दोनों में कुछ कर दिखाने का दम है’’ स्त्री पुरूष ईश्वर की अमुल्य कृति असमानता रखकर न करों वकृति’’ आई.सी.डी.एस. की सेविकाअेां ने चुप नहीं रहना है, हिंसा नहीं सहना है, सहेंगे नहीं, कहेंगे’’ इत्यादि का नारा लगाया।


खुदीराम बोस स्टेडियम में जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा लिंग आधारित हिंसा या उत्पीड़न को कभी भी नहीं सहने, चुप नहीं रहने, सुरक्षित समाज की रचना के लिए कटिबद्ध रहने, परिवत्र्तन का हिस्सा बनने के लिए प्रतिबद्ध रहने की शपथ दिलाई गई। इस पखवाड़ा का समापन कल 10 दिसम्बर को सभी प्रखंडों में रैली/सेमिनार का आयोजन कर किया जाएगा, जिसमें सभी विभागों, गैर सरकारी संस्थाओं, प्रबुद्ध एवं आम जनों के सहयोग से किया जाएगा।

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