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Mera Yuva Bharat : अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू, बिहार के 37 प्रतिभागियों का चयन

February 9, 2026 | by Goltoo

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Muzaffarpur 9 February : Mera Yuva Bharat मेरा युवा भारत के अंतर्गत 9 से 13 फरवरी तक नैनीताल में आयोजित अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में बिहार के 37 प्रतिभागियों का चयन हुआ है, जिनमें मुजफ्फरपुर से 7 प्रतिभागी और 1 एस्कॉर्ट शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारंपरिक कलाओं से युवाओं को परिचित कराना है।

Mera Yuva Bharat अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम

Mera Yuva Bharat अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम
Mera Yuva Bharat अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम

मेरा युवा भारत अंतर्गत 9 से 13 फरवरी तक नैनिताल में आयोजित अन्तर्राज्यीय युवा आदान प्रदान कार्यक्रम में बिहार के कुल 37 प्रतिभागी का चयन हुआ है, जिसमें मुजफ्फरपुर से 7 प्रतिभागी और 1 एस्कॉर्ट शामिल हैं । यह कार्यक्रम उत्तराखंड के संस्कृति, सांस्कृतिक आदान-प्रदान के उद्देश्य से किया जा रहा है ।

Mera Yuva Bharat अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम
Mera Yuva Bharat अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम

पहले दिन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ जिसमें नगर पालिका नैनीताल की चेयरमैन सरस्वती खेतवाल, कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति दीवान सिंह रावत और उप निदेशक सह जिला युवा अधिकारी नैनीताल डॉलवी तेवतिया ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला।

Mera Yuva Bharat अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम
Mera Yuva Bharat अंतर्राज्यीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम

दूसरे सत्र में प्रतिभागियों ने कुमाऊँ क्षेत्र की पारंपरिक कला कुमाउन पेंटिंग (ऐपण) के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस सत्र के दौरान प्रशिक्षकों ने ऐपण की उत्पत्ति, तकनीक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तृत रूप से समझाया। प्रतिभागी उत्साह और लगन के साथ इस कला को सीखने में शामिल हुए और कलाकारों से सीधे बातचीत कर अपने सवालों का समाधान भी किया।

प्रतिभागियों ने बताया कि उन्हें भारत की विविध सांस्कृतिक कलाओं को समझने और सीखने का यह अनुभव बेहद प्रेरणादायक अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम के शेष दिनों में भी प्रतिभागियों को उत्तराखंड की सांस्कृतिक, परंपरागत कला एवं कौशल से परिचित कराया जाएगा ।

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