Headlines

Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमिनार-ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या: डॉ मंगला राय

Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमिनार-ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या: डॉ मंगला राय Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमिनार-ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या: डॉ मंगला राय
Advertisements

Muzaffarpur 19 January : Bihar University के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग, कृषि, जैव विविधता और वनस्पति अनुसंधान की चुनौतियों व अवसरों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमिनार

Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में “क्लाइमेट चेंज एंड बोटैनिकल रिसर्च: चैलेंज एंड अपारचुयुनिटी ” विषय पर सीनेट हॉल में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता डॉ मंगला राय, पूर्व डायरेक्टर जनरल आईसीएआर भारत सरकार, ने कहा कि वातावरण में हो रहे परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर व ज्वलंत समस्या है। इसके कारण पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है।

इससे बाढ़, सुखा तूफान, ग्लेशियरों का पिघलना और खाद्य असुरक्षा जैसी मौसमी घटनाएं हो रही है, जो मानव जीवन और पर्यावरण के लिए खतरा है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन बढ़ती जनसंख्या पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। कृषि में कीटनाशक और रसायन का प्रभाव काफी बढ़ा है, इससे मानवीय स्वास्थ्य संकट में है। वनस्पति विज्ञान के विभिन्न आयामों पर शोध को बढ़ावा देने की जरूरत है।


विशिष्ट वक्ता प्रो ए के राय, पूर्व कुलपति तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय ने जलवायु परिवर्तन के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने लीची एवं रागी पौधे के खेती में माइकोराइजा के अनुप्रयोग पर भी प्रकाश डाला।

Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमिनार-ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या: डॉ मंगला राय
Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमिनार-ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या: डॉ मंगला राय

विशिष्ट अतिथि प्रो अश्वनी कुमार राय, बीएचयू ने दुनिया में नाइट्रोजन के संतुलन और उसके प्रभाव के बारे बताया। उन्होंने बताया कि औषधीय पौधों से तरह-तरह के रसायन निकाल कर दवाएं बनाकर पूरी दुनिया में व्यापार किया जा रहा है। इस दिशा में कार्य करने व विचार करने की जरूरत है। सूक्ष्म जीवाणुओं का उपयोग पौधे के विकास में करना चाहिए। इन पर सतत शोध करने की जरूरत है।

बीएचयू के प्रो एन के दुबे ने भारतीय पारंपरिक ज्ञान के उपयोग पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने इथनोबॉटनी का दवाओं के विकास में योगदान के बारे में बताया।

Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमिनार-ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या: डॉ मंगला राय
Bihar University वनस्पति विज्ञान विभाग राष्ट्रीय सेमिनार-ग्लोबल वार्मिंग एक गंभीर समस्या: डॉ मंगला राय

सेमिनार के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो दिनेश चंद्र राय ने कहा कि वनस्पति विज्ञान पौधों का मौलिक वैज्ञानिक अध्ययन है, वहीं कृषि विज्ञान खाद्य उत्पादन के लिए पौधों के व्यावहारिक अनुप्रयोग पर केंद्रित है। कृषि वनस्पति विज्ञान फसल सुधार, रोग प्रतिरोधक क्षमता और उच्च उपज के लिए पौधों के जैविक गुणों का अध्ययन करता है। आज का सेमिनार प्लांट साइंसेज, बायोलॉजिकल साइंसेज और बायोटेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं के लिए काफी उपयोगी है।

सेमिनार में अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान विभागाध्यक्ष प्रो रंजना कुमारी ने किया। विषय प्रवेश डॉ नीलम कुमारी ने किया।
मंच संचालन डॉ रितिका और धन्यवाद ज्ञापन डॉ कादंबनी ने किया।

सेमिनार में कई प्राचार्य, विश्वविद्यालय पदाधिकारी, शोध छात्रों सहित लगभग तीन सौ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में डॉ गौरव कुमार, डॉ पूनम, डॉ नीति आदि ने भी अपने विचार रखे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *