Headlines

Muzaffarpur in Earthquake Zone 4 मुजफ्फरपुर, भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जिलों की श्रेणी में

Service Regularization
Advertisements

भूकंप से निपटने के प्रमुख उपायों में भूकंप रोधी भवन, अर्थक्वेक रिस्पांस, भूकंप के दौरान की जाने वाली कार्रवाई के प्रति प्रशिक्षित होना व जागरूकता है। इसी दृष्टिकोण से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में भूकंप सुरक्षा सप्ताह 15 से 21 जनवरी 2023 तक मनाया जा रहा है।

Muzaffarpur 18 January : मुजफ्फरपुर जिला भूकंप की दृष्टि से जोन 4 के अंतर्गत आता है जो कि भूकंप के प्रति अत्यंत संवेदनशील जिलों की श्रेणी है। भूकंप एक आकस्मिक रूप से घटित होने वाली प्राकृतिक आपदा है जिसमें व्यापक स्तर पर संरचनात्मक, पर्यावरण व जानमाल की क्षति होती है। भूकंप से निपटने के प्रमुख उपायों में भूकंप रोधी भवन, अर्थक्वेक रिस्पांस, भूकंप के दौरान की जाने वाली कार्रवाई के प्रति प्रशिक्षित होना व जागरूकता है। इसी दृष्टिकोण से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में भूकंप सुरक्षा सप्ताह 15 से 21 जनवरी 2023 तक मनाया जा रहा है।

Service Regularization

इस क्रम में, श्री प्रणव कुमार, जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर के निर्देशानुसार, आज 18 जनवरी 2023 को एमआईटी के मुख्य सभागार में तकनीकी विभागों के पदाधिकारियों, अभियंताओं, राजमिस्त्री तथा भवन निर्माण सामग्री विक्रेताओं का एकदिवसीय जागरुकता सह संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री आशुतोष द्विवेदी उप विकास आयुक्त मुजफ्फरपुर रहे कार्यक्रम के दौरान डॉ अजय कुमार, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, मुजफ्फरपुर, प्रोफेसर वीके राय, उप प्रचार्य, एम.आई.टी., मुजफ्फरपुर सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, प्रखंडों से मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी तथा आवास पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में प्रोफेसर विजय कुमार, प्रभारी पदाधिकारी, अर्थक्वेक सेफ्टी क्लीनिक, एमआईटी, मुजफ्फरपुर तथा प्रोफेसर आकाश प्रियदर्शी, सहायक पदाधिकारी, अर्थक्वेक सेफ्टी क्लिनिक, एमआईटी, मुजफ्फरपुर द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण प्रतिभागियों को दिया गया

Service Regularization

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री आशुतोष द्विवेदी, उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर ने कहा कि भूकंप एक ऐसी आपदा है, जिसमें पूर्वानुमान नहीं किया जा सकता तथा इसमें व्यापक स्तर पर संस्थाओं एवं जानमाल की क्षति होती है। उन्होंने कहा कि बिहार के विभिन्न क्षेत्र व मुजफ्फरपुर भूकंप के अत्यंत ही संवेदनशील जोन में आते हैं, इससे निपटने के लिए पूर्व तैयारियों तथा सजगता के साथ-साथ संरचनाओं को भूकंपरोधी बनाना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भूकंप जागरूकता के प्रति जन जन को संवेदनशील बनाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सार्वजनिक संरचनाओं को सृदृढ़ व भूकंपरोधी बनाने के साथ निजी तौर पर बन रहे भवनों को भूकंपरोधी बनाने पर जोर दिया।

Service Regularization

डॉ अजय कुमार अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन मुजफ्फरपुर ने कहा कि पूर्व तैयारी तथा भूकंप रोधी भवन निर्माण के साथ-साथ भूकंप के दौरान बचाव हेतु की जाने वाली कार्रवाई के बारे में भी जागरूकता बेहद आवश्यक है।

Service Regularization

प्रोफेसर वीके सहाय, उप प्राचार्य, एमआईटी मुजफ्फरपुर ने भूकंप सुरक्षा में तकनीक के महत्व पर जानकारी देते हुए कहा कि भवन का निर्माण करते समय अभियंताओं तथा आर्किटेक्ट की सलाह व सेवा अवश्य ली जाए, इससे भवन तो सुरक्षित होते ही हैं भवन निर्माण की लागत ही कम हो जाती है। उनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के नॉन इंजीनियरिंग भवनों तथा प्राचीन समय के भवनों को संरक्षित करने पर भी तकनीकी जानकारी अभियंताओं को दी गई है।

Service Regularization

तकनीकी सत्र के प्रथम चरण में,मुजफ्फरपुर प्रौद्योगिकी संस्थान (एम.आई.टी) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक आचार्य सह प्रभारी पदाधिकारी, अर्थक्वेक सेफ्टी क्लीनिक प्रो विजय कुमार के द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से रिट्रोफिटिंग तकनीक, भवन निर्माण सामग्री का समुचित प्रयोग, भूमि जांच, भवन निर्माण के प्रकार तथा भूकंप रोधी भवन निर्माण तकनीक पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई उनके द्वारा बताया गया कि अर्थक्वेक सेफ्टी क्लीनिक में निशुल्क भूकंप निर्माण परामर्श सुविधा उपलब्ध है, इसका पदाधिकारियों अभियंताओं, संवेदकों, राजमिस्त्रियों, भवन निर्माण सामग्री विक्रेताओं द्वारा अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए।

प्रोफ़ेसर आकाश प्रियदर्शी, सहायक आचार्य सह सहायक पदाधिकारी, अर्थक्वेक सेफ्टी क्लिनिक, एम.आई.टी., मुजफ्फरपुर द्वारा सार्वजनिक संरचनाओं, जल संसाधन संबंधित संरचनाओं, सड़क, रेलवे संरचनाओं, पुल आदि को भूकंपरोधी बनाने तथा इससे संबंधित तकनीकी पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने इससे जुड़ी हुई विस्तृत जानकारी पीपीटी के माध्यम से प्रदान की।

कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, बूढ़ी गंडक, मुजफ्फरपुर ने कहा कि नैनीताल तथा जोशीमठ में जलदबाव के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से सीख लेते हुए बैराजों, तटबंधों व पुलों की डिजाइन, निर्माण स्थल के चयन में सतर्कता बरतने व आपदा जोखिम के हर पहलुओं का ध्यान रखने पर जोर दिया।

कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण प्रमंडल-2, मुजफ्फरपुर संरचनाओं के निर्माण में होने वाली त्रुटियों के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि भवन तथा सार्वजनिक संरचनाओं के निर्माण में राष्ट्रीय बिल्डिंग कोड व अन्य मानकों का ध्यान रखें। उन्होंने अभियंताओं को इनोवेशन तथा आधुनिकतम तकनीकों का अधिक से अधिक प्रयोग करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ टीम ने भूकंप से बचाव तथा भूकंप के दौरान की जाने वाली कार्रवाई के बारे में मॉकड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया।

प्रतिभागियों ने अर्थक्वेक सेफ्टी क्लीनिक का भ्रमण कर भूकंप सुरक्षा तथा भवन निर्माण तकनीक पर जानकारी प्राप्त की।

उक्त कार्यक्रम का संचालन, श्री मोहम्मद साकिब खान, कंसलटेंट/डी.एम. प्रोफेशनल, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, मुजफ्फरपुर द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में, श्री सी. शशि राव, प्रोग्रामर, डीईओसी, मुजफ्फरपुर, स्काउट गाइड कृष्णा, आपदा मित्रों का विशेष सहयोग रहा।

Service Regularization
श्री आशुतोष द्विवेदी, उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर तथा डा अजय कुमार, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, मुजफ्फरपुर द्वारा भूकंप सुरक्षा से संबंधित जानकारियों व आडियो संदेशों से सुसज्जित भूकम्प जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई गई

इस कार्यक्रम से पूर्व एम.आई.टी. परिसर में, श्री आशुतोष द्विवेदी, उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर तथा डा अजय कुमार, अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन, मुजफ्फरपुर द्वारा भूकंप सुरक्षा से संबंधित जानकारियों व आडियो संदेशों से सुसज्जित भूकम्प जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई गई। उक्त रथ के माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भूकंप सुरक्षा जागरूकता का प्रसार किया जाएगा तथा पंपलेट का वितरण भी किया जायेगा।

#earthquake #Muzaffarpur #awareness

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *