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सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर Bihar University अतिथि प्राध्यापक संघ की बैठक, होली के बाद संघर्ष तेज करने का निर्णय

Bihar University अतिथि प्राध्यापक संघ की बैठक Bihar University अतिथि प्राध्यापक संघ की बैठक
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Muzaffarpur 27 February : Bihar University के नए परीक्षा भवन में अतिथि प्राध्यापक संघ की बैठक में सेवा नियमितीकरण और 65 वर्ष तक सेवा समायोजन की मांग को लेकर रणनीति बनाई गई। होली के बाद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मिलकर मांग उठाने तथा संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया।

Bihar University अतिथि प्राध्यापक संघ की बैठक

सेवा नियमितीकरण की मांग को लेकर विश्वविद्यालय के नए परीक्षा भवन में अतिथि प्राध्यापक संघ की बैठक हुई।
बैठक में संघ की मजबूती से लेकर सेवा समायोजन हेतु संघर्ष की योजना बनी। कई महत्वपूर्ण मुद्दे पर आम सहमति बनी।

उच्च शिक्षा में अतिथि प्राध्यापकों की भूमिका विषय पर एक वृहत सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। इस सेमिनार में शिक्षा मंत्री, कुलपति एवं अन्य शिक्षाविदों को आमंत्रित किया जाएगा।
संघ के महासचिव डॉ राघव कुमार ने कहा कि सरकार बिहार के 213 प्रखंड में कॉलेज खोलने जा रही है। सूत्रों के अनुसार उन कॉलेजों में अतिथि प्राध्यापकों के प्रति नियुक्ति की योजना है। जल्द ही सरकार से मांग की जाएगी कि अतिथि प्राध्यापकों के सेवा का समायोजन 65 वर्ष तक करते हुए उनकी सेवा प्रखंडों के कॉलेज में ली जा सकती है। इसके लिए सशर्त सरकार से वार्ता की जाएगी।

Bihar University अतिथि प्राध्यापक संघ की बैठक
Bihar University अतिथि प्राध्यापक संघ की बैठक


संघ के अध्यक्ष डॉ ललित किशोर ने कहा कि विगत 6- 7 वर्षों से अतिथि शिक्षक उच्च शिक्षा को गति प्रदान कर रहे हैं। अतिथि शिक्षकों ने अपना महत्वपूर्ण समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में लगाया है। अतः सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द 65 वर्ष तक के लिए सेवा समायोजित की जाए। अन्यथा की स्थिति में होली के बाद संघर्ष तेज किया जाएगा।

संघ के संयोजक डॉ सर्वेश्वर कुमार ने मजबूत संघर्ष हेतु संगठन की ताकत पर बल दिया और कहा कि बिहार विश्वविद्यालय अतिथि प्राध्यापक संघ सतत पक्के इरादे के साथ अतिथि प्राध्यापकों के हितार्थ लगा रहता है। जल्द ही सभी अतिथि प्राध्यापकों के सहयोग से संघ को आर्थिक संबलता प्रदान की जाएगी ताकि संघर्ष मजबूती से चल सके।

बैठक को कोषाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ नितेश कुमार, डॉ राकेश रंजन, डॉ रामकृष्ण, डॉ मौमिता बनर्जी, डॉ रंजीत कुमार, डॉ प्रदीप कुमार, डॉ मयंक, डॉ विपिन, डॉ दिगंबर झा, डॉ रवि भूषण समेत सभी कॉलेज के प्रतिनिधियों ने अपना विचार प्रस्तुत किया। बैठक में सभी कॉलेज के महिला अतिथि प्राध्यापकों ने काफी संख्या में हिस्सा लिया और संघर्ष को तेज करने की बात कही।

होली के बाद पटना में 65 वर्ष तक सेवा समायोजन के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री से मिलकर प्रतिवेदन सौंपा जाएगा।

उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं विधान परिषद के सभी सदस्यों से मिलकर सेवा समायोजन को लेकर जोरदार मांग की जाएगी।

इस बार सदन में विधान परिषद एवं विधानसभा के सदस्यों ने अतिथि प्राध्यापकों के सेवा नियमितीकरण की मांग को जोरदार तरीके से उठाया। इसके लिए संघ ने सदन के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

अतिथि प्राध्यापकों के विभिन्न समस्याओं को लेकर संघ विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द वार्ता कर समाधान का मार्ग प्रशस्त करेगा।

होली बाद संघ शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कर सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास करेगा।

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